5100 रुपए का नकद पुरस्कार
ग्वालियर. ग्वालियर ग्रामीण कुलैथ गांव में रविवार को पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। नाल उठाओ में ग्वालियर के हरिशचन्द्र यादव ने 110 किलो की नाल उठाकर पहला स्थान हासिल किया। पुरस्कार के रूप में 5100 रुपए पदक दिए गए। जबकि घोड़ी दौड़ में प्रताप सिंह रंचोली पहले स्थान पर रहे। विजेता खिलाडिय़ों को जिला पंचायत सदस्य शिवराज सिंह यादव ने पुरस्कार प्रदान किए।
मुख्य अतिथि और आयोजक शिवराज सिंह यादव ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक खेल विलुप्त होने के कगार पर हैं आधुनिकता के दौर में जब चारों ओर टेक्नोलॉजी का बोलबाला हो तो बैलगाड़ी और घुड़दौड़, कुश्ती जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन मन को सुकून देता है। ग्वालियर के कुलैथ में इसी परंपरा को जीवित रखने और गौवंशको संरक्षित करने के उद्देश्य पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है।
यादव ने कहा, कुलैथ गांव में गौवंश को बचाने और गौवंश का महत्व समझाने के लिए पिछले साल से बैलगाड़ी और घुड़दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। निराश्रित गौ वंश को बचाना एक बड़ी चुनौती है लोग दूध देने वाले गौवंश को ऐसे ही छोड़ देते हैं जबकि प्राचीन समय में गांव से शहर तक का सफर बैलगाड़ी के द्वारा ही तय किया जाता था, यदि इस तरह की पारम्परिक प्रतियोगिताएं गौवंश के साथ ग्रामीण विकास के द्वार भी खोलती हैं।
नाल प्रतियोगिता: हरिश्चन्द्र यादव ग्वालियर प्रथम, अजय यादव मेहंदपुर द्वितीय, जीतू गोस्वामी राजस्थान, केसरी शेरा तोमर तृतीय। सभी ने 110 किलो का नाल उठाया। बैलगाड़ी: गिर्राज डेयरी कुलैथ प्रथम, नरेश पटेल मेहरा द्वितीय, दीपक झांसी, बसीर खान सिगरा तृतीय। पड़ा कुश्ती: रायरु गांव प्रथम, कुलैथ गांव द्वितीय, घासमंडी तृतीय। घोड़ी दौड़: प्रताप सिंह रंचोली प्रथम। राजाराम यादव बेरई प्रथम, रामवरण यादव सेवा नगर।