28 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घूमने गए परिवारों की खुशियां मातम में बदलीं,तीन माह पहले दूल्हा बना था नमन

घूमने गए परिवारों की खुशियां मातम में बदलीं,तीन माह पहले दूल्हा बना था नमन

2 min read
Google source verification
two People Died

घूमने गए परिवारों की खुशियां मातम में बदलीं,तीन माह पहले दूल्हा बना था नमन

ग्वालियर। परिवार सहित गर्मी की छुट्टियां मनाकर कार से वापस लौट रहे तीन व्यापारी पुत्रों की खुशियां कार चला रहे युवक को नींद की झपकी लगने से मातम में बदल गईं। हादसे में कार के खाई में गिर जाने से महिला सहित दो लोगों की मौत व चार लोगों के घायल होने की खबर जैसे ही शहर में आई तो मृतकों के परिवार सहित बाजार में मातम छा गया। इस हादसे में मृत नमन अग्रवाल की शादी ७ फरवरी 2018 को ही हुई थी,जबकि विवाह से पूर्व ४ दिसंबर को नमन के पिता गणेशी लाल अग्रवाल का निधन हो गया था।

इसके बाद नमन पर ही परिवार की पूरी जिम्मेदारी आ गई थी, लेकिन परिवार का यह सहारा भी छिन गया। महज छह माह के अंतराल में एक के बाद एक हुई दो मौतों से पूरे परिवार सहित समाज में शोक व्याप्त है। उधर चिराग की पत्नी कल्पना की मौत से भी पूरा परिवार दु:खी है,क्योंकि कल्पना की एक दो साल की बेटी है,जो अब मां की मौत के बाद कैसे रहेगी?,उसके सवालों के जवाब परिजन क्या देंगे?। इस घटना दोनों परिवारो सहित शहर में शोक का माहौल बना हुआ है।

परिवार के साथ एंज्वाय करने गए थे तीनों दोस्त
शहर में रहने वाले व्यापारी पुत्र अंकुर सहगल,नमन अग्रवाल व चिराग मित्तल आपस में मित्र हैं और उन्होंने बच्चों की छुट्टियां होने पर शहर से बाहर परिवार सहित एंज्वाय करने का प्लान बनाया और कार से तीन दिन पूर्व शहर से रवाना हुए। ये लोग बुधवार की रात करीब १० बजे उज्जैन से शिवपुरी के लिए अपनी कार से रवाना हुए और रात दो बजे जब कार गुना जिले के बीनागंज चौकी अंतर्गत घोड़ापहाड़ पुल के पास से गुजर रही थी, तभी कार चला रहे युुवक को नींद का झोंका आ जाने से वाहन अनियंत्रित होकर रोड से उतरकर एक कच्चे मकान की छत पर जा फंसा।

इस हादसे में नमन अग्रवाल व चिराग की पत्नी कल्पना की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों के पास करीब एक लाख रुपए नकद व सोने-चांदी के जेवरात थे, जो बीनागंज पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बताया जाता है कि तीनों व्यापारी पुत्र घूमने के साथ ही अपने पासपोर्ट के काम से भी भोपाल गए थे।

स्थानीय लोगों ने किया सहयोग
घटना के दौरान तेज आवास सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीण सहित पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार नीचे न गिर जाए इसके लिए ग्रामीणों ने कार के नीचे बल्ली लगाई और फिर घायलों को कार में से निकाला। इसके बाद पुलिस ने घायलों को गुना अस्पताल पहुंचाया। चूंकि तीनो परिवार संपन्न है इसलिए बड़ी संख्या में इनके परिजन व रिश्तेदार गुना अस्पताल में घायलों को हाल-चाल जानने पहुंचे।