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अफसरों पर महापौर नाराज-बोली, शहर में अंधेरा है आप लोग क्या कर रहे हो,BJP पार्षदों के लिए फाइल बनेंगी तो हमारी भी

एमआईसी की डेढ़ घंटे चली बैठक में सवा घंटे घमासान, चर्चा सिर्फ 15 मिनट मेयर इन काउंसिल (एमआइसी) की डेढ़ घंटे चली बैठक में सवा घंटे तक जमकर घमासान हुआ और सिर्फ 15 मिनट बिंदूओं पर चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में ही महापौर ने अफसरों से सवाल-जवाब करते हुए कहा कि सचिन तेंदुलकर […]

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nagar nigam mic meeting

एमआईसी की बैठक लेती महापौर और बैठक में उपस्थित अफसर।

एमआईसी की डेढ़ घंटे चली बैठक में सवा घंटे घमासान, चर्चा सिर्फ 15 मिनट

मेयर इन काउंसिल (एमआइसी) की डेढ़ घंटे चली बैठक में सवा घंटे तक जमकर घमासान हुआ और सिर्फ 15 मिनट बिंदूओं पर चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में ही महापौर ने अफसरों से सवाल-जवाब करते हुए कहा कि सचिन तेंदुलकर मार्ग, झांसी रोड, डीडी नगर की कई सडक़ों पर अंधेरा पड़ा हुआ है,आप लोग वहां लाइटें क्यों नहीं लगा पा रहे हो। जिस पर अफसर इधर-उधर झांकने लगे। अभी एजेंडा शुरू ही हुआ था कि एमआइसी सदस्य अवधेश ने कहा कि सिर्फ भाजपा पार्षदों की दो-दो करोड़ रुपए की फाइलें बनाई जा रही हैं। यदि भाजपा पार्षदों की फाइलें बनती हैं तो हमारी क्यों नही बन सकती,इसलिए हमारी भी बनेंगी। जिस पर निगमायुक्त ने कहा कि दो-दो करोड़ रुपए की फाइलें बनने की बात गलत है और मैंने इस तरह की कोई भी फाइल स्वीकृत नहीं की है। तभी अवधेश और अन्य एमआईसी सदस्यों ने कहा कि कई बैठकों में प्रभारी मंत्री से लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाजपा पार्षदों की फाइलें बनाने की बात कही है। बैठक में मेयर इन कांउसिल सदस्य संध्या कुशवाह, नाथूराम ठेकेदार, उपासना यादव, विनोद यादव माठू, गायत्री मंडेलिया, प्रेमलता जैन, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, प्रदीप तोमर, मुनीष सिंह सिकरवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जेडओ को हटाने पर अड़े मंूसरी,महापौर बोली-आपउ लोग समझते क्या है…
इधर, जोन कार्यालय 02 पर पदस्थ जेडओ तनुजा वर्मा को हटाने की मांग को लेकर एमआइसी सदस्य शकील खां मंसूरी ने बैठक का शुरू में ही बहिष्कार करते हुए जेडओ को हटाने की मांग की। इस दौरान अन्य सदस्य उन्हें मनाकर टीएलसी कक्ष में लेकर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि जब परिषद में जेडओ को हटाने का ठहराव हुआ है तो निगमायुक्त अमल क्यो नहीं कर रहे है। अब जेडओ कोई काम नहीं कर रही हैं और वह कह रही हैं कि जब तक मैं उनसे पैर छूकर माफी नहीं मांगूंगा, तब तक मेरे वार्ड में कोई काम नहीं होगा। इतना सुनते ही महापौर भडक़ गईं और नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग एमआइसी सदस्यों व पार्षदों को कुछ समझते ही नहीं हैं। अगर आपके अफसर काम नहीं करेंगे, तो हमें भी काम कराना आता है। इसके बाद निगमायुक्त ने जेडओ को फोन लगाया और पूछा कि क्या तुमने पैर छूकर माफी मांगने पर ही काम करने के लिए कहा है। इस पर जेडओ ने साफ इनकार कर दिया। ऐसे में एमआइसी ने दो दिन के अंदर जेडओ को हटाने का अल्टीमेटम दे दिया।

ये है एजेंडा और यह हुए निर्णय
-बजट वर्ष 2025-26 के बजट शीर्ष में राशि पुनर्विनियोजन करने के संबंध में निगमायुक्त के प्रतिवेदन की पुष्टि की गई।
-गोपाल मंदिर के एक पुजारी एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया स्टेडियम परिसर मंदिरों के दो पुजारियों का माह फरवरी 2026 से तीन वर्ष तक की मियाद वृद्धि की स्वीकृति दी गई।
-बजट वर्ष 2025-26 के बजट लेखा शीर्ष में राशि पुनर्विनियोजन किए जाने के संबंध में निगमायुक्त के प्रतिवेदन को स्वीकृत किया गया।
-प्रभारी उपायुक्त व चिडिय़ाघर अधिकारी डॉ प्रदीप श्रीवास्तव की विभागीय जांच के प्रस्ताव को वापस कर दिया गया।
-मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त मानिट ए प्लस संबंधी मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अन्तर्गत ग्वालियर विधानसभा में विभिन्न स्थानों पर हाईमास्ट एवं पोल लगाये जाने के लिए प्राप्त न्यूनतम दर 27.58 लाख की स्वीकृति दी।
-मानिट ए प्लस संबंधी मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत ग्वालियर विधानसभा में ही विभिन्न स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए प्राप्त न्यूनतम दर अनुसार 37.11 लाख रुपए की स्वीकृत दी।

एजेंडा में ये बिंदू अलग से हुए शामिल
-वार्ड 41 अंतर्गत चावड़ी बाजार से लेकर जनकगंज डिस्पेंसरी होते हुए स्टेडियम से लेकर नाग देवता मंदिर तक की रोड का नाम कैलाशवासी स्व. विजयाराजे सिंधिया के नाम पर रखे जाने के प्रस्ताव को परिषद की ओर भेजा गया। पार्षद मोहित जाट ने यह प्रस्ताव भेजा था। साथ ही इसी वार्ड में बताशे वाली गली का नाम बदलकर स्व. अरविंद केंगे के नाम पर रखे जाने के प्रस्ताव भी परिषद की ओर भेजा गया।
-स्वच्छता प्रबंधन, जनकार्य, विद्युत, पार्क, मदाखलत विभाग, वीआइपी अधिकारी-कर्मचारी के लिए वाहन किराय पर लेने की प्राप्त दरों की व्यय स्वीकृति पर निर्णय लेने के लिए महापौर को अधिकृत किया गया।
-अपील समिति की बैठक में अभिभाषक की प्रति बैठक फीस के संबंध में निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर चर्चा उपरांत स्वीकृत दी गई।