
आंदोलनकारियों ने सांसद और मंत्रियों के बंगले पर चस्पा किए धिक्कार पोस्टर
ग्वालियर। एससी एक्ट संशोधन पर सरकार के रवैये से नाराज सवर्णों के भारत बंद का असर ग्वालियर में भी देखने को मिला। यहां शहर के बाजार,पेट्रोल पंप,स्कूल कॉलेज बंद रहे। सडक़ों पर जनता की तुलना में पुलिस बल बहुत अधिक रहा। वहीं धारा 144 लागू होने के कारण पांच से ज्यादा लोग सडक़ों पर खड़े होने की मनाही थी। इन सबके बीच एससी एसटी एक्ट पर केंद्र सरकार के रुख से नाराज सवर्ण और आरक्षण विरोधी लोगों ने पोस्टर चिपकाओ मुहिम छेड़ दी। आंदोलनकारियों ने सांसद,मंत्रियों के बंगलों पर समर्थन मांगने के पोस्टर चिपकाने पहुंच गए।
उन्होंने सबसे पहले कांग्रेस कार्यालय पर विरोध के पत्र छिपकाया साथ ही वहीं लगे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के फोटो पर काला झंडा लहराया। इसके बाद ये लोग जयविलास पैलेस स्थित सांसद सिंधिया,कैबिनेट मंत्री माया सिंह और यशोधरा राजे के निवास के बाहर पहुंच गए और नारेबाजी पोस्टर चिपकाए। इसके बंद समर्थक केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले पर पहुंचे और समर्थन मांगते हुए उनके बंगले की दीवार पर विरोध के पत्र चिपका दिया।
सभी पोस्टरों में आंदोलनकारियों ने एक्ट में संशोधन नहीं होने पर आने वाले चुनावों में इसके परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली। बाद में सभी लोग राज्यसभा सांसद प्रभात झा के बंगले पर धिक्कार पत्र चस्पा करने गए लेकिन चस्पा करने आए 2 लोगों को क्राइम ब्रांच ने उन्हें पकड़ लिया और थाने भेज दिया।
2-2 की टोली में शहर में रवाना
ग्वालियर और डबरा में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बंद समर्थक सुबह 10.30 बजे रामकृष्ण आश्रम थाटीपुर पर एकत्रित हुए। यहां से वे 2-2 की टोली में शहर में रवाना हुए। जहां भी उन्हें दुकानें खुली मिली उनसे हाथ जोडक़र बंद को सफल बनाने की अपील की।
वहीं उन्होंने ऑटो व टैंपो चालकों से भी कहा कि आप सवारी वाहन चला सकते है, ताकि शहर में आना वाला कोई भी यात्री परेशान न हो। शाम के समय फिर सपाक्स, रक्षामंच सहित अन्य बंद समर्थक संगठन के लोग 2-2 के गुट में कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। यहां उन्हें राकेश जादौन मिले जिन्हें काले झंडे दिखाए गए और कार्यालय पर धिक्कार पत्र चस्पा किया गया।
केंद्रीय मंत्री के बंगले पर धरना
2 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में उनके 5-6 समर्थक केंद्रीय मंत्री के बंगले पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। तभी यहां सीएसपी गीता भारद्वाज पहुंच गईं। जब उन्हें उठने को बोला गया तो बंद समर्थकों का कहना था कि हमारे कार्यकर्ताओं ने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। पहले उन्हें वापस लेकर आओ तब उठेंगे। जब उन्हें जबरन उठाने की बात कही गई तो बंद समर्थक वहां से उठकर मेला ग्राउंड स्थित सीएसपी कार्यालय परिसर के मंदिर में बैठ गए। जब पुलिस दोनों युवकों को लेकर वापस पहुंची तब वे अपने घर के लिए रवाना हुए।
पहले ही तय की रणनीति
सुबह ही बंद समर्थकों ने मीटिंग में तय कर लिया था कि सभी लोग 2-2 की टोलियों में घूमेंगे ताकि धारा 144 का उल्लंघन न हो। वहीं न तो कोई भीड़ लगाएगा और न ही नारे और न दूसरी जाति के लोगों से गाली गलौज करेगा।
शराब की दुकान खुली होने पर कहा सुनी
सपाक्स और क्षक मोर्चा के यूथ इंदरगंज पहुंचे यहां शराब की दुकान खुली मिलने पर इन्होंने बंद करने को कहा। इस पर पुलिस और बंद समर्थकों की कहा सुनी हो गई। इसके बाद बंद समर्थक यहां से रवाना हो गए। वहीं थाटीपुर पर नाश्ते की दुकान खुलने पर भी पुलिस से कहासुनी हुई।
Updated on:
06 Sept 2018 08:15 pm
Published on:
06 Sept 2018 08:03 pm
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