
स्टेशन पर ऑटो प्रीपेड बूथ क्यों है बंद?
ग्वालियर. रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए सर्कुलेटिंग एरिया में एक साल पहले ट्रैफिक पुलिस द्वारा ऑटो प्री-पेड बूथ की सेवा शुरू की गई थी, लेकिन यह कुछ दिन बाद ही बंद हो गई। प्रीपेड बूथ 24 घंटे संचालित होना था, इससे स्टेशन से घर तक महिलाएं भी ऑटो में सुरक्षित यात्रा कर सकती थीं। प्रीपेड बूथ पर हर शिफ्ट में पुलिस का एक सिपाही तैनात होना है। इस सुविधा के शुरू होने से यात्रियों को काफी फायदा मिल सकता है। इस संबंध में पत्रिका एक्सपोज ने डीएसपी ट्रैफिक आरएन त्रिपाठी से बातचीत की।
स्टेशन पर ऑटो प्रीपेड बूथ शुरू करने में क्या परेशानी है?
रेलवे स्टेशन पर प्री-पेड बूथ शुरू करने में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इसे जिस कंपनी ने यहां पर शुरू किया था, वह अभी तक सभी ऑटो चालकों का डाटा एकत्रित नहीं कर पाई है। इसके चलते यह सेवा शुरू नहीं हो पा रही है। इसी कंपनी को अपना ऐप डायनलोड करके चलाना था।
क्या दूसरी कंपनी को काम नहीं दे सकते?
प्रीपेड बूथ शुरू करने के लिए जिस कंपनी को इसका काम दिया गया था, उसने कई ऑटो चालकों का डाटा तैयार किया है। लेकिन एक साल पहले इसके उद्घाटन के बाद ही चुनाव और अन्य महत्वपूर्ण कार्य होने से प्रीपेड बूथ पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते यह अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है।
अभी तक कितने ऑटो के रजिस्ट्रेशन हो गए हैं?
रेलवे स्टेशन से दिन और रात में लगभग 250 ऑटो आते-जाते हैं। लेकिन शुरू में ही लगभग 60 ऑटो चालकों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। उसके बाद ऑटो चालकों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण यह सुविधा यात्रियों को नहीं मिल पा रही है। इसे जल्द शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं।
ऑटो चालक यात्रियों के साथ मनमानी करते हैं, इसे रोकने के लिए क्या प्रयास कर रहे हैं?
स्टेशन पर ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं, यह बात सही है, लेकिन यह सब प्रीपेड बूथ शुरू होने के बाद खत्म हो जाएगा। अभी ऑटो चालक यात्रियों के साथ मोल भाव कर छोड़ आते हैं, लेकिन प्रीपेड बूथ शुरू होने पर किराया भी निर्धारित हो जाएगा। इसके लिए फिर से प्रयास किए जाएंगे।
Published on:
4 Mar 2020, 1:41 AM IST
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