
high profile women'
ग्वालियर। व्यापारी पति से भरण पोषण का पैसा ज्यादा लेने के लिए पत्नी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पति की इनकम टैक्स आइडी को हैक करा दिया। यही नहीं उसका पासवर्ड भी बदल दिया। पति के पेनकार्ड का उपयोग कर चालान भी भरा। ताकि कोर्ट मे वह ज्यादा पैसे लेने का दावा कर सके। अगर इनकम टैक्स वाले पकड़े तो पति को। वह सेफ बची रहे। शिकायत पर राज्य साइबर पुलिस जांच कर तह तक पहुंची तो दंग रह गई। क्योंकि आरोपी कोई और नही पीडि़त की पत्नी थी। पुलिस ने पत्नी और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया। फरियादी का ऑटो पार्ट्स की दुकान है।
एसपी राज्य साइबर सेल सुधीर अग्रवाल ने बताया अमित बग्गा ने शिकायत की थी उनकी इनकम टैक्स आइडी को हैक किया जा रहा है। जांच में पता चला अमित का पत्नी से विवाद चल रहा है। कोर्ट में तलाक का मामला है। इसके साथ ही इनकम टैक्स की आइडी जहां से हैक हुई। जिन बैंकों में पेन कार्ड का उपयोग कर चालान भरा गया। इन सभी की जानकारी ली तो कोटा वाला मोहल्ला निवासी राहुल लिखार की संलिप्तता पाई। उसे पकड़ा तो राज फाश हो गया। उसने बताया यह खेल अमित की पत्नी का है। इसके बाद पुलिस ने पत्नी को भी गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है हो सकता है राहुल ने अन्य कई लोगों की आइडी हैक की हो। उससे पूछताछ हो रही है।
एेसे खेला खेल
आइडी रीसेट करते समय ओटीपी नंबर पूछा जाता है। राहुल फरियादी की पत्नी के नंबर पर ओटीपी मंगाता,फिर मेल आइडी डालता जिस पर ओटीपी की लिंक जाती। इसके लिए अलग-अलग मेल आइडी डाली जाती। उसके पेन कार्ड का यूज करके ऑनलाइन अलग-अलग बैंकों में चालान भरे। इससे अमित की आय ज्यादा दिखाई देती। अगर फंसे तो अमित और फायदा उसकी पत्नी को हो। क्योकि कोर्ट में इस सबूत को दिखाकर ज्यादा भरण पोषण का पैसा ले सके।
सीए का एकाउंटेंट है आरोपी
राहुल सीए के यहां एकाउंटेंट है। इसलिए उसे पूरी जानकारी थी। फरियादी की पत्नी ने इसी का फायदा उठाकर उससे दोस्ती की। फिर उसे बातो में लेकर यह सारा खेल खेला।
एक साल से लगी थी पुलिस
एक साल पहले पुलिस को शिकायत हुई थी। टीम के सदस्य निरीक्षक आसिफ मिर्जा बेग, सउनि राजेश राठोर, प्रधान आरक्षक पवन शर्मा, संजय, आरक्षक पुष्पेन्द्र यादव, महेश ने बड़ी तल्लीनता से इस काम में जुटे। आखिरकार सारे सबूत इकट्ठे कर आरोपी ढूंढ निकाले।
सुझाव
इनकम टैक्स आइडी रीसेट करते समय पहले से रजिस्टर्ड ईमेल आइडी पर मैसेज आता है। जिस पर समय रहते कार्यवाही करना जरूरी है। यदि इनकम टैक्स पेयर्स सावधानी नहीं रखते तो उनका इनकम टैक्स एकांउट हैक हो सकता है।
सावधानियां
इनकम टैक्स वकील और सीए को सावधान रहने की बहुत जरूरत है। क्योकि वकील के पास कोई भी व्यक्ति अपने रिश्तेदार, मित्र की इनकम टैक्स आईडी का पासवर्ड भूल जाने की बात कह कर आते हैं। इसलिए पासवर्ड रिसेट के पहले यह सुनिश्चित कर ले कि किसी व्यक्ति के कहने पर वह अन्य किसी व्यक्ति का पासवर्ड तो रिसेट नहीं कर रहे। किसी व्यक्ति के कहने पर इनकम टैक्स आइडी का पासवर्ड रिसेट किया जाता है तो यह आइटी एक्ट के तहत मामला बनता है।
Published on:
13 Nov 2018 04:26 pm
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