रात में लड़की की चोटी कट गई,लेकिन लड़की ने चोटी काटने वाले को मौके पर ही धर दबोच लिया। दावा है कि वही औरतों की चोटियां काट रहा है।
ग्वालियर/मुरैना। पूरे देश में अज्ञात शक्ति द्वारा चोटी काटने की घटनाओं ने दहशत फैला दी है। यूपी, राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश के बहुत सारे हिस्से चोटी कटने की घटनाओं की वजह से दहशत में है। ऐसा ही एक वाकया बीते रोज मुरैना में हुआ, जहां रात में सो रही लड़की की चोटी कट गई,लेकिन लड़की ने चोटी काटने वाले को मौके पर ही धर दबोच लिया। लोगों का दावा है कि लड़की ने जिसे पकड़ा है वही है जो औरतों की चोटियां काट रहा है। फिलहाल तो चोटी काटने वाले आरोपी को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है।
कई महीनो से देश भर में हो रही चोटी काटने की घटनाओं से महिलाओं में दहशत का माहौल है,इससे बचने के लिए कई तरह के टोने -टोटके भी किये गए।यह कहा गया कोई चुड़ैल या तांत्रिक गिरोह है जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।
इस सब के बीच मुरैना शहर के गणेशपुरा में रहने वाले लोगो ने एक युवती के बाल काटते हुए एक कीड़े को पकड़ा है जो मुंह से बाल उगल रहा है, यहां के स्थानीय लोगो का दावा है यही वो कीड़ा है जो महिलाओं के बाल काटता है।
दरअसल गणेशपुरा इलाके में रहने वाले बंटी गुर्जर की **** सो रही थी उसी समय उसे अहसास हुआ कि कोई उसके बाल काट रहा है तो उसने हाथ लगाकर देखा तो यह कीड़ा था जिसके बाद उसने अपने भाई को बुलाया भाई ने इस कीड़े को पकड़ा जो अपने मुंह से बाल उगल रहा था। चोटी काटने वाले कीड़ा पकडे जाने की खबर जैसे ही मोहल्ले वालो को लगी तो कीड़े को देखने के लिए लोगो की भीड़ जमा हो गई।
अंचल की कई महिलाओं की कट चुकी है चोटी
मध्यप्रदेश के जिस भाग मेंं सबसे ज्यादा चोटी कटने की घटनाएं आई हैं, उसमें ग्वालियर और चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। यहां सबसे पहले चोटी कटने का सिलसिला श्योपुर के उन इलाकों से शुरू हुआ जो कि राजस्थान के बॉर्डर पर लगे हुए हैं। इसके बाद मुरैना, शिवपुरी, दतिया सहित ग्वालियर के शहरी इलाकों में भी चोटी कटने की वारतदें सामने आने लगी।
लोग लेने लगे तांत्रिकों का सहारा
गांवों में और ऐसे इलाके जो काफी पिछड़े है, वहां तो चोटी कटने की घटनाओं ने बहुत दहशत फैलाई। महिलाओं ने कहीं आना जाना बंद कर दिया और कहीं कहीं तो महिलाएं बालों में पवित्र धागा या कुछ ताबीज सा बांधे हुए भी दिखाई दी। इसके अलावा झाड़ फूंक करने वाले बाबा और तांत्रिकों के पास भी लोग समाधान के लिए पहुंचने लगे।