26 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जेसी मिल के मजदूरों की देनदारी देने प्रस्ताव पर काम शुरू, लिक्विडेटर से मांगी मदद

जिला प्रशासन ने जेसी मिल मजदूरों की देनदारी देने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए लिक्विडेटर (परिसमापक अधिकारी) से मदद मांगी है। जेसी मिल के लिक्विडेटर इंदौर में बैठते हैं। लिक्विडेटर से मजदूरों की संख्या, देनदारी सहित मिल के फंड की जानकारी जुटाकर प्रशासन प्रस्ताव सरकार को भेजेगा, जिससे जेसी मिल मजदूरों का रुपया मिल सके। साथ ही हुकुमचंद मिल के मजदूरों को रुपए देने में किसी प्रक्रिया का पालन किया गया और फंड कैसे जुटाया। इसकी भी जानकारी मांगी है।  

less than 1 minute read
Google source verification
जेसी मिल के मजदूरों की देनदारी देने प्रस्ताव पर काम शुरू, लिक्विडेटर से मांगी मदद

जेसी मिल के मजदूरों की देनदारी देने प्रस्ताव पर काम शुरू, लिक्विडेटर से मांगी मदद

जेसी मिल 1992 में बंद हो गया था। 1997 में मिल के शटडाउन की घोषणा की गई। मिल बंद होने से मजदूरों ने अपनी देनदारियों के लिए संघर्ष शुरू कर दिया था। इन्हें संघर्ष करते हुए लंबा समय बीत गया है। मिल बंद होने के बाद मिल पर लिक्विडेटर नियुक्त हो गए थे। इसके बाद मामला न्यायालय में पहुंच गया। 1997 में हाईकोर्ट में देनदारियों का केस चल रहा है। इनकी देनदारी का तय नहीं हो सका। हुकुमचंद मिल के मजदूरों को रुपया मिलने के बाद जेसी मिल के मजदूरों को रुपया वापस मिलने की उम्मीद जाती है। जिसका प्रस्ताव प्रशासन ने बनाना शुरू कर दिया। लश्कर एसडीएम इसका प्रस्ताव तैयार करेंगे।

जमीन का हो चुका है सीमांकन, 150 बीघा जमीन मिल स्वत्व की

जिला प्रशासन ने जेसी मिल की जमीन का सीमांकन कर लिया है। मिल स्वत्व की 150 बीघा जमीन है, लेकिन एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमण हो चुका है। लोगों ने मकान बना लिए हैं। ऐसी स्थिति में जमीन विक्रय कर फंड एकत्रित करना मुश्किल हो जाएगा।

इस विकल्प भी विचार

मिल पर एक नजर

-मिल बंद हुआ था- 1992 में

- शटडाउन घोषित हुआ था-1997

- कुल मजदूर- 8037

- बकाया- 160 करोड़

- औसतन प्रति व्यक्ति- 2 लाख

अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर ग्वालियर