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अब हिल स्टेशन नहीं, चारधाम यात्रा जाना पसंद कर रहे युवा

- बदल रहा ट्रेंड, पहले 70 वर्ष से ऊपर के लोग ही जाते थे, उम्र सीमा कम होना बड़ा कारण मानता युवा वर्ग- एडवेंचर के साथ ही बदलाव के लिए धार्मिक स्थानों पर जाने का कर रहे चयन

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अब हिल स्टेशन नहीं, चारधाम यात्रा जाना पसंद कर रहे युवा

अब हिल स्टेशन नहीं, चारधाम यात्रा जाना पसंद कर रहे युवा

ग्वालियर. एक समय था जब युवा वर्ग में शिमला, मनानी, मसूरी जैसे हिल स्टेशन जाने का ही क्रेज देखने को मिलता था। अब ये ट्रेंड बदलता दिख रहा है। युवा वर्ग अब चारधाम जाना अधिक पसंद कर रहा है, उत्तराखंड चारधाम 2023 यात्रा इन दिनों जारी है। ऐसा कहा जाता है कि पहले 70 वर्ष से ऊपर के लोग ही चारधाम यात्रा करने जाते थे लेकिन युवा वर्ग ने इस परिपाटी को बदल दिया है। इसके पीछे उनका मानना है कि अब लोगों की उम्र सीमा पहले से कम हुई है। चारधाम यात्रा में भगवान के दर्शन के साथ-साथ एडवेंचर और ठंडे स्थानों का आनंद भी मिल जाता है। टूर एंड ट्रैवल्स संचालकों की मानें तो चारधाम यात्रा पर जाने वालों में अब युवाओं की संख्या में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसके साथ ही युवाओं का धार्मिक स्थलों के प्रति रुझान बढ़ाने में सोशल मीडिया की भी अहम भूमिका है। इन्फ्लुएंसर भारत में स्थानों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

चारधाम में दर्शन के साथ एडवेंचर का मजा भी
अक्षय तृतीया के दिन 22 अप्रेल को गंगोत्री-यमुनोत्री धामों के कपाट खोले गए थे। शहर के युवाओं में बाइक से भी चार धाम में जाने का क्रेज भी बढ़ रहा है। ऐसे युवा बद्रीनाथ-केदारनाथ, गंगोत्री सहित चारों धामों पर जाने वाले तीर्थ यात्री धामों में दर्शन के बाद एडवेंचर का भी मजा ले रहे हैं। उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ों के नजारे के साथ-साथ ही धार्मिक स्थलों पर घूमने के लिए जा रहे हैं। अधिकांश युवा ग्वालियर से ही बाइक लेकर निकलते हैं वहीं कुछ देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश से बाइक से यात्रा करते हैं।

कोरोना काल के बाद दिख रहा बदलाव
टूर एंड ट्रैवल्स संचालक राहुल गुप्ता और प्रशांत सिंघल ने बताया कि पहले युवा सिर्फ हिल स्टेशन और ठंडी जगहों पर जाना ही पसंद करते थे, लेकिन कोरोना काल के बाद इसमें खासा बदलाव देखने को मिल रहा है। अधिकांश युवा चारधाम यात्रा पर जाने का मन बना रहे हैं। कुछ तो चारधाम यात्रा करके आ चुके हैं। चारधाम यात्रा के दौरान ही उन्हें एडवेंचर के साथ-साथ ठंडी जगहों का मजा भी मिल जाता है।

केदारनाथ-बद्रीनाथ जा रहा हूं
मैं 28 मई को केदारनाथ और बद्रीनाथ के लिए रवाना हो रहा हूं। ऋषिकेश में भंडारा करने के बाद आगे जाएंगे। इस यात्रा से घूमने और एडवेंचर के साथ-साथ भगवान के दर्शन भी हो जाएंगे। इससे पहले एक बार और भी जा चुका हूं।
- अनुराग सिंह, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पवनसुत कॉलोनी मुरार

भगवान के दर्शन के साथ बर्फ का भी आनंद
मैं अपने दो मित्रों के साथ चार धाम यात्रा करके आ चुका हूं। मेरे साथ ग्वालियर के सिद्धार्थ तिवारी और गुडग़ांव की कशिश शर्मा भी गई थीं। यहां जाने का उद्धेश्य यही था कि भगवान के दर्शन करने थे और साथ ही बर्फ का आनंद भी मिल गया। इससे पूर्व भी में धार्मिक स्थलों पर जा चुका हूं।
- कुशाग्र स्वर्णकार, निवासी सिंधी कॉलोनी

अगस्त में केदारनाथ जाउंगा
बाइक से एक बार पहले गंगोत्री, बद्रीनाथ दर्शन करने जा चुका हूं। आगे अगस्त में बाइक से केदारनाथ जाने का प्लान बना रहा हूं। अब चारधाम यात्रा जाना सरल भी हो गया है, बाइक से भी परेशानी नहीं आती। मुझे लगता है युवा वर्ग सबसे अधिक चारधाम ही जा रहा है, इसका कारण अब लोगों की उम्र का कम होना भी है।
- निश्चल गुप्ता, निवासी गांधी नगर

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