
गेहूं खरीद एजेंसियों में दलालों की इंट्री, बिगड़ते जा रहे हैं हालात
हमीरपुर. सरकारी गेहूं खरीद की स्थिति दिनो दिन बिगड़ती चली जा रही है। तमाम आदेश और निर्देशों के बावजूद पारदर्शिता तो दूर की बात किसानों से खुली ठगी के मामले रोज प्रकाश में आ रहे हैं। आए दिन केंद्रों में किसानों की झड़प होती रहती है और केंद्र प्रभारी गेहूं डम्प होने का बहाना बनाकर मनचाही तरीके से खरीद करने पर उतारू हैं। सिर्फ एफसीआई केंद्र में 30 ट्रैक्टर किसान लिए हुए पड़े हैं। इस केंद्र पर अब तक 13 हजार 622 कुंतल गेहूं खरीदा गया है।
गेहूं खरीद के इंतजार में बैठे किसान
किसान अपना गेहूं डाले कई दिनों से खरीद के इंतजार में बैठे है। गांव लोहारी के कृषक भइया लाल ने बताया कि वह 24 अप्रेल को गेहूं बिक्री केंद्र गया था वहां से एक टोकन दिया गया था और 7 मई को केंद्र में गेहूं बिक्री को बुलाया था। वह यहां के चक्कर काट रहा हैं। उसने अपना टोकन भी दिखाया और कहा भी की अब यहां कोई पूछने वाला नहीं है। जो लोग दलालों के माध्यम से आते हैंकि बिक्री होती है। और सीधे साधे किसानों को टोकन थमा देते हैं और वह चक्कर ही लगाते रहते हैं। पता चला केंद्र में जो अंदर अंदर सांठ गांठ चलती है और दलाल यहां सबसे पहले अपना गेहूं बिकवाता है। कम्हरिया गांव के बरकतउल्ला ने बताया कि शुक्रवार को वह हाट शाखा आया था।और आज पांचवा दिन है। शाम तक खरीद की बात कही है। जबकि उसके बाद आए किसान ऊनी सेंटिंग कर गेहूं बेच गए।
हो रही है गेहूं की दलाली
कुल मिलाकर इन सरकारी खरीद केंद्रों में लगाकर सरकारी आदेशों के विपरीत 10 दिन पूर्व टोकन काट दिए जाते हैं और किसान टहलता रहता है एक गांव में तीन चार ऐसे युवक सिर्फ गेहूं की दलाली में ही लगे हैं और इनकी इतनी बेहतरीन प्रभारियों से सेंटिंग है कि वह जिसे चाहते है उसका गेहूं पहले तौला जाता है। यही नहीं देर रात गल्ला व्यापारियों के गेहूं तौलने की लगातार शिकायतें आ रही हैं। फिर भी पूरा प्रशासन आए दिन इन केंद्रों की जांच पड़ताल करने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं कर पा रहा है और किसान की परेशानी लगतार बढ़ रही है।
Published on:
08 May 2018 12:05 pm

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