गुस्से में किसान, कलक्ट्रेट के आगे डाला पड़ाव
– खराबे की विशेष गिरदावरी करवा प्रति बीघ 50 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग
-मांगे नहीं मानने पर संघर्ष की आगामी रणनीति बनाने की कही बात
हनुमानगढ़. नरमा-कपास की फसल में गुलाबी सुंडी का प्रकोप आने से फसल खराब हो गई है। इसकी खेती पर बड़ा पैसा करने के बाद अब किसानों के हाथ खाली होने से वह बेचैन हो रहे हैं। गुलाबी सुंडी के प्रकोप से नरमा की फसल में हुए खराबे की विशेष गिरदावरी करवाकर प्रति बीघ 50 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग को लेकर नरमा उत्पादक किसानों ने मंगलवार को पूर्व घोषणानुसार जिला कलक्ट्रेट के सामने पड़ाव डाल दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले डाले गए पड़ाव में काफी संख्या में किसान शामिल हुए। इस दौरान सभा कर किसान प्रतिनिधियों ने ठोस आश्वासन न मिलने पर बेमियादी समय के लिए पड़ाव जारी रखने की चेतावनी दी। किसान नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि सरकार मांग अनसुना करती है तो किसान आगे संघर्ष की रणनीति अपनाएंगे। पड़ाव स्थल पर हुई सभा में किसान नेता रेशमसिंह मानुका ने कहा कि यहां कीट वैज्ञानिक आए। उन्होंने सर्वे किया लेकिन किसानों के साथ रिपोर्ट सांझा नहीं की। इसी बीच बारिश और आंधी की वजह से शेष बची नरमा की फसल भी पूर्णतया नष्ट हो गई। ग्वार और मूंग की फसल भी खराब हो गई। रेशमसिंह मानुका ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से मूंग की खरीद को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से मूंग की सरकारी खरीद शुरू होगी। यानि अभी पूरा अक्टूबर माह पड़ा है। बारिश की वजह से मूंग की अधिकतर फसल बर्बाद हो चुकी है। जिन किसानों ने मूंग की फसल काट ली है, उनकी मजबूरी औने-पौने दामों में बाजार में बेचने के लिए जाने की है जबकि अधिकारी कह रहे हैं कि 1 नवंबर से मूंग की खरीद शुरू की जाएगी। मूंग की फसल कटकर तैयार है और बाजार में पहुंच चुकी है। तब तक किसान अपने घर पर फसल नहीं रख सकता। उन्होंने बताया कि 11 सितम्बर को प्रशासन के साथ तय हुई बातों पर अमल नहीं हुआ। इसके खिलाफ किसानों ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष पड़ाव डाला है। उनकी मांग है कि गुलाबी सुंडी व बारिश-आंधी से खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाकर नरमा का प्रति बीघा 50 हजार रुपए मुआवजा दिया जाए। खराब हुई ग्वार, मूंग, मोठ, बाजरा की फसल का भी उचित मुआवजा प्रभावित किसानों को दिया जाए। धान, मूंग और नरमा की खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू हो। माकपा के वरिष्ठ नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बारिश-आंधी की वजह से किसान की नरमा की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। वर्तमान में जो नरमा मंडी में पहुंच रहा है उसे कोई खरीदने वाला नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि किसान बर्बादी की कगार पर खड़ा है, ऊपर से सरकार उनकी जमीन की कुर्की करवा रही है। कुर्की की कार्यवाही बंद कर किसान की फसल की खरीद एमएसपी पर हो। उन्होंने कहा कि अगर सरकार-प्रशासन ने बात नहीं सुनी तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसानों के पडाव के चलते कलक्टे्रट मार्ग पर कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित रहा।