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पीएम फसल बीमा पर किसानों ने उठाए सवाल, किसानों ने कलक्टर से मिलकर सुनाई व्यथा

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पीएम फसल बीमा पर किसानों ने उठाए सवाल, किसानों ने कलक्टर से मिलकर सुनाई व्यथा


हनुमानगढ़. पीएम फसल बीमा में मनमानी करने की शिकायतें लगातार आ रही है। लेकिन राज्य व केंद्र सरकार बीमा योजना में सुधार करने को लेकर गंभीर नहीं हो रही। जिसका खामियाजा किसान भुगतने को मजबूर हो रहे हैं। जिले में कई जगह तो हालात ऐसे हैं कि किसानों से ५० से ६० हजार रुपए तक बीमा की एवज में प्रीमियम कटौती कर ली गई लेकिन अब खराबा होने पर क्लेम के लिए बीमा कंपनियां किसानों से चक्कर कटवा रही है। बुधवार को कलक्टर जाकिर हुसैन से मिलकर प्रभावित किसानों ने व्यथा सुनाई। गांव सोनड़ी, ललाना, बिरकाली, असरजाना, ननाऊ, बड़बिड़ाना, फेफाना आदि के किसानों ने बताया कि एक्सिस बैंक से उन्होंने कृषि भूमि की केसीसी बनवा रखी है। पीएम फसल बीमा योजना में वर्ष २०१६ व २०१७ रबी व खरीफ फसलों का बीमा करवाया था। इस दौरान बैंक के साथ सात अगस्त २०१८ को समझौता वार्ता हुई। इसमें भुगतान का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक किसानों को क्लेम का भुगतान नहीं किया गया है। जिसके चलते किसान बीमा कंपनी और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। रामलाल, बद्रीप्रसाद, रामकुमार, धर्मपाल सहित अन्य मौजूद थे। बीमा क्लेम का भुगतान करवाने की मांग को लेकर रावतसर तहसील के विभिन्न गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया के नेतृत्व में जिला कलक्टर जाकिर हुसैन को ज्ञापन सौंपा। सभी ने खरीफ 2018 का मुआवजा दिलवाने की मांग की। पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने बताया कि रावतसर तहसील के कुछ गांव में खरीफ 2018 के दौरान बरसात नहीं होने के कारण फसल नष्ट हो गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा रावतसर तहसील की पंचायत मोटेर, पोहडक़ा की अनदेखी की गई। इस कारण इन गांवों को शामिल नहीं किया गया। इस कारण से किसान चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

किसानों की दशा सुधारने की मांग
हनुमानगढ़. स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने, किसानों को फसलों का उचित मूल्य देने, लोकपाल की नियुक्ति करने, फसलों व दूध का एमएसपी तय करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने बुधवार से कलक्ट्रेट के सामने बेमियादी अनशन शुरू किया। राष्ट्रीय किसान महासंघ के तत्वावधान में आंदोलन किया जा रहा है। गांधीवादी विचारक अन्ना हजारे की अगुवाई में पूरे देश में आंदोलन किया जा रहा है। किसानों की बदहाल दशा को सुधारने की मांग को लेकर अन्ना हजारे भी अनशन कर रहे हैं। उन्हीं के समर्थन में अनशन शुरू किया गया है।