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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हनुमानगढ़ गुपचुप आए और चले गए

- प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार हनुमानगढ़ आए सैनी - जंक्शन एवं टाउन में नहीं हुआ स्वागत - अभिनंदन  
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hanumangarh

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हनुमानगढ़. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी शनिवार सुबह संक्षिप्त दौरे पर हनुमानगढ़ आए और चले गए। इस दौरान जिला मुख्यालय के जंक्शन एवं टाउन में सैनी का कोई स्वागत अथवा अभिनंदन कार्यक्रम नहीं हुआ। जिला मुख्यालय के जंक्शन एवं टाउन में कार्यकर्ताओं की कोई बैठक भी उन्होंने नहीं ली!

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार हनुमानगढ़ पहुंचे सैनी का जिला मुख्यालय पर कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं रखना कार्यकर्ताओं में चर्चा का विषय रहा। सीकर से सड़क मार्ग से सुबह करीब ग्यारह बजे हनुमानगढ़ आए सैनी सीधे निकटवर्ती गांव जोड़किया पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप के निवास पर गए और वहां लगभग आधा घंटा ठहर शोक व्यक्त कर श्रीगंगानगर के लिए रवाना हो गए। भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष डॉ. भारतभूषण शर्मा के अनुसार सैनी का दोनों जिलों के कार्यकर्ताओं से मिलने का श्रीगंगानगर कार्यक्रम रखा गया था। यहां पर सैनी गांव जोड़कियां जाने के लिए ही आए थे।


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सैनी ने पढ़ाया 'लक्ष्य-२५Ó का पाठ
श्रीगंगानगर. भाजपा के लोकसभा प्रवास कार्यक्रम के सिलसिले में शनिवार को यहां पहुंचे प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को 'लक्ष्य-२५Ó का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी पच्चीस सीटों पर भाजपा की जीत का लक्ष्य दिया है। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इसे हर हाल में पूरा करना है। लोकसभा प्रवास कार्यक्रम में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ दोनों जिलों के उन आठ विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए जो गंगानगर लोकसभा क्षेत्र में सम्मिलित हैं। कार्यक्रम के तीन सत्र रहे। प्रथम सत्र में प्रदेशाध्यक्ष का उदबोधन था, जिसमें उन्होंने लोकसभा चुनाव तक चलने वाले राष्ट्रीय अभियानों की जानकारी दी। लोकसभा चुनाव की चुनौतियों का सामाजिक एवं राजनीतिक स्तर पर विश्लेषण करते हुए सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री का नारा सबका साथ सबका विकास सामाजिक समरसता पर आधारित है। इसकी जानकारी मतदाताओं तक जानी चाहिए। राजनीतिक चुनौतियों के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दुष्प्रचार का जवाब कार्यकर्ताओं को संयमित भाषा में देना होगा।

दूसरे सत्र में प्रदेशाध्यक्ष ने विस्तारकों, सह विस्तारकों, संयोजकों और सहसंयोजकों के साथ लोकसभा क्षेत्र में ताजा राजनीतिक हालातों की समीक्षा की। तीसरे और आखिरी सत्र में प्रदेशाध्यक्ष ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर फीडबैक लिया। टिकट के कई दावेदार भी समर्थकों के साथ कार्यक्रम में आए थे लेकिन प्रदेशाध्यक्ष ने टिकट का निर्णय पार्लियामेंटरी बोर्ड के पास होने का कह कर टाल दिया। कार्यक्रम में सांसद निहालचंद, विधायक रामप्रताप कासनिया, बलवीरसिंह लूथरा और संतोष बावरी, श्रीगंगानगर जिला अध्यक्ष हरीसिंह कामरा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदेशाध्यक्ष के आने से पहले जूतम पैजार के हालात
श्रीगंगानगर. भाजपा के लोकसभा प्रवास कार्यक्रम में शनिवार को जूतम पैजार के हालात बन गए। गनीमत रही कि यह सब प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही निबट गया। वर्ना तो उन्हें अलग ही नजारे देखने को मिलते। प्रदेशाध्यक्ष को भोजनावकाश के दौरान उनके आने से पहले की घटनाओं की जानकारी दी गई तो उनका कहना था कि इस पर तुरंत निर्णय करना गलत होगा। सही माध्यम से जानकारी मिलने पर एक्शन भी होगा।

प्रदेशाध्यक्ष का लोकसभा प्रवास कार्यक्रम पदमपुर मार्ग स्थित ग्रीन वैली रिसोर्ट में रखा गया था। जूतम पैजार के हालात तब बने जब भाजपा के प्रदेश मंत्री हरभगवान सिंह बराड़ सभागार में प्रवेश करने लगे। वहां मौजूद सादुलशहर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। यह कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी गुरवीर सिंह बराड़ के समर्थक थे। उनका कहना था कि हरभगवान सिंह बराड़ ने विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की बजाय दूसरे प्रत्याशी की मदद की, जिससे इससे सीट पर भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा।


प्रदेश मंत्री को भीतर नहीं जाने देने पर उनके समर्थक भी ताव खा गए। दोनों पक्षों में भिड़ंत होती उससे पहले ही जिलाध्यक्ष हरीसिंह कामरा और महामंत्री उम्मेद सिंह शेखावत ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश मंत्री अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल से चले गए।

अंदर भी माहौल गर्म
जिस समय सभागार के बाहर सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं मे जूतम पैजार के हालात बने थे ठीक उसी समय भीतर भी पराजय से उपजा रोष उबाल खा रहा था। करणपुर विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उलझ रहे थे।