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चिकित्सकीय हिंसा के खिलाफ केंद्रीय क़ानून को डॉक्टर अर्चना एक्ट के नाम पर लाने को लेकर बना रहे सहमति

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. लालसोट के बहुचर्चित डॉ. अर्चना प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर आईएमआई स्तर पर लगातार आंदोलन किया जा रहा है। हनुमानगढ़ जिले में भी मृतक डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न स्तर पर चिकित्सक संगठन विरोध दर्ज करवा चुके हैं।  

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चिकित्सकीय हिंसा के खिलाफ केंद्रीय क़ानून को डॉक्टर अर्चना एक्ट के नाम पर लाने को लेकर बना रहे सहमति

चिकित्सकीय हिंसा के खिलाफ केंद्रीय क़ानून को डॉक्टर अर्चना एक्ट के नाम पर लाने को लेकर बना रहे सहमति

चिकित्सकीय हिंसा के खिलाफ केंद्रीय क़ानून को डॉक्टर अर्चना एक्ट के नाम पर लाने को लेकर बना रहे सहमति
-आईएमआई स्तर पर मृतक डॉक्टर को न्याय दिलाने को लेकर लगातार हो रहे आंदोलन
-16 व 17 अप्रेल को होने वाली इंडियन मेडिकल एसोसिएशन केंद्रीय कार्यसमिति की प्रस्तावित बैठक में रखेंगे मांगें
हनुमानगढ़. लालसोट के बहुचर्चित डॉ. अर्चना प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर आईएमआई स्तर पर लगातार आंदोलन किया जा रहा है। हनुमानगढ़ जिले में भी मृतक डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न स्तर पर चिकित्सक संगठन विरोध दर्ज करवा चुके हैं। अब तक चार बार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की प्रांत कार्यकारिणी की वर्चुअल मीटिंग भी हो चुकी है। दो बार पूरे राज्य की स्थानीय शाखाओं के अध्यक्ष सचिवों सहित प्रदेश कार्यसमिति की बैठकें हो चुकी हैं। सभी बैठकों के निष्कर्ष के तौर पर राज्य सरकार से सहमत किए जा चुके कार्यों का पुन: आकलन कर बचे हुए कार्यों के लिए पुन: दबाव बनाया जाएगा। सरकार द्वारा चाहे गए दो सप्ताह के समय के पूर्ण होने पर भी मुख्य अभियुक्त की गिरफ़्तारी, पुलिस और अधिकारियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया दिशानिर्देश (एसओपी) का जारी न होना, राजस्थान चिकित्सा हिंसा निरोधक क़ानून 2008 लागू करना एवं पुलिस अधिकारियों की जांच पूर्ण नहीं होना आदि विषयों पर विवेचन किया गया है। ज्ञातव्य है कि अपने प्रोफ़ेशन की महत्ता, मरीज़ों की परेशानी एवं सरकार के ठोस लिखित आदेशों के बाद जो आंदोलन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने वापस लिया था, उस कारण डॉ अर्चना प्रकरण में एक निश्चित अवधि तक धैर्य ही रखा जाएगा। सरकार को सभी कार्य वादे के अनुरूप तुरंत पूरे करने चाहिए। ताकि सरकार व अधिकारियों की साख बनी रहे। अन्यथा जिम्मेदार चिकित्सक वर्ग पुन: आंदोलित होगा और उससे होने वाली परेशानी सरकार की जिम्मेदारी होगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जयपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि एसपी दौसा ने सूचित किया है कि मुख्य अभियुक्त बलिया जोशी को भगोड़ा घोषित किया गया है। नकद इनाम राशि भी बढ़ाया जा रहा है। अपराधी के बैंक खाते को फ्रिज कर दिया गया है। अब 16-17 अप्रेल को पंचकुला चंडीगढ़ में होने वाली इंडियन मेडिकल एसोसिएशन केंद्रीय कार्यसमिति की प्रस्तावित बैठक में भी राष्ट्रीय केंद्रीय कार्यालय ने इस विषय को प्रमुखता से लिया है। पहले दिन के प्रथम सत्र में राजस्थान के अध्यक्ष डा.ॅ अशोक शारदा को इस विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण देने को कहा है। विशेष बात यह है कि डॉ शारदा के साथ साथ इस बैठक में बीकानेर से डॉ. एस एन हर्ष, अलवर से डॉ. महेंद्र थरेजा, उदयपुर से डॉ. सुनील चुघ व डॉ. आनंद गुप्ता, , सीकर से डॉ. पीसी गर्ग, जयपुर से डॉ राहुल कट्टा, भीलवाड़ा से डॉ. फ़रियाद, हनुमानगढ़ से डॉ. एमपी शर्मा, बारां से डॉ. वीरेश बेरिवाल को भी आमंत्रित किया गया है। साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी राष्ट्रीय केंद्रीय कार्यालय के निवेदन पर संज्ञान ले लिया है। मामले की सीबीआइ जांच की भी माँग की गई है। उल्लेखनीय है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन केंद्रीय कार्यालय से राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह (पटना) एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जयेश एम लेले, केंद्रीय गृह मंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाक़ात कर विषय की गम्भीरता बता चुके हैं। वहां से चिकित्सकीय हिंसा के खिलाफ़ केंद्रीय क़ानून को 'डॉ. अर्चना ऐक्टÓ के नाम से लाने पर भी सहमति बनाई जा रही है।
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