इंदिरागांधी नहर में चार दिन आगे बढ़ी बंदी
-पेयजल उपलब्धता की समीक्षा के बाद बनी सहमति
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी मुख्य नहर राजस्थान भाग व इंदिरागांधी फीडर पंजाब भाग में मरम्मत कार्य चलने के कारण अभी बंदी चल रही है। बंदी अवधि को चार दिन और आगे बढ़ा दिया गया है। इसकी घोषणा पंजाब की ओर से कर दी गई है। इसके तहत अब 25 मई को बंदी खत्म नहीं होने जा रही। अब 29 मई तक आईजीएनपी में बंदी रहेगी। इसके बाद 30 मई की सुबह हरिके हैड से राजस्थान के लिए पानी छोड़ दिया जाएगा। 31 मई को इंदिरागांधी नहर में पानी राजस्थान में प्रवेश कर जाएगा। इसके बाद तीन-चार जून तक भाखड़ा नहर में भी पानी मिलने की उम्मीद है। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने बताया कि इंदिरागांधी नहर में तीन मई को बंदी शुरू हुई थी। देरी से बंदी शुरू होने की वजह से चार दिन बंदी की अवधि को आगे बढ़ाया गया है। ताकि नहर मरम्मत कार्य में दिक्कत नहीं आए। उन्होंने बताया कि राजस्थान में पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा करने के बाद ही बंदी अवधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। संबंधित जिलों में पीएचईडी के साथ पेयजल उपलब्धता को लेकर चर्चा करने के बाद ही बंदी अवधि बढ़ाने पर सहमति बनी है। भाखड़ा व इंदिरागांधी नहर में जून में कितना पानी चलेगा, इसका निर्धारण इसी माह बीबीएमबी की होने वाली बैठक में लिया जाएगा।
चल रहा काम
राजस्थान व पंजाब भाग में रीलाइनिंग कार्य करवाने पर बड़ा बजट खर्च किया जा रहा है। राजस्थान भाग में कुल 67 किलोमीटर में बेड की रीलाइनिंग कार्य करवाने का लक्ष्य है। बंदी अवधि में लक्ष्य के अनुसार रीलाइनिंग कार्य करवाए जा रहे हैं। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर नहर की मियाद बढ़ जाएगी। निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री की नियमित जांच की जा रही है। जल संसाधन विभाग में गुण नियंत्रण एवं सतर्कता (मुख्य अभियंता) जयपुर डीआर मीणा ने नहरी क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेकर गुणवत्ता जांची। मौजूद अधिकारियों को तय नियमों के अनुसार कार्य पूर्ण करवाने का निर्देश दिया।
भाखड़ा नहर में 40 क्यूसेक चल रहा पानी
राजस्थान की भाखड़ा नहर में बुधवार शाम को 40 क्यूसेक पानी चल रहा था। जबकि बीबीएमबी की बैठक में 850 क्यूसेक शेयर निर्धारित किया गया है। किसान आंदोलन के बावजूद भाखड़ा नहर में तय शेयर के अनुसार पानी नहीं चल पा रहा। इंदिरागांधी नहर में बंदी खत्म होने पर तीन से चार जून तक भाखड़ा नहर में सिंचाई पानी मिलने की उम्मीद है। कितना पानी चलेगा, इसका निर्धारण आगामी बीबीएमबी की बैठक में किया जाएगा।