20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बस स्टैंड को बाइपास पर लेजाने का विरोध

बस स्टैंड को बाइपास पर लेजाने के विरोध में आंदोलन शुरू करने की तैयारी

3 min read
Google source verification
बस स्टैंड को बाइपास पर लेजाने के विरोध में आंदोलन शुरू करने की तैयारी

बस स्टैंड को बाइपास पर लेजाने के विरोध में आंदोलन शुरू करने की तैयारी

  • नगर परिषद नए बस स्टैंड का संचालन पीपीपी मोड में करवाने की बना रही योजनाहनुमानगढ़. जंक्शन बस स्टैंड को बाइपास पर शिफ्ट करने के विरोध में जनआंदोलन की रुपरेखा तैयार करने के लिए शनिवार को जाट भवन में राष्ट्रीय उत्थान मंच की बैठक हुई। बैठक में जंक्शन बस स्टैंड को यथावत रखने या फिर बस डिपो में शिफ्ट करने पर मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. निशांत बतरा, बजरंग दल नेता आशीष पारीक ने की। बैठक में जंक्शन बस स्टैंड को बाइपास पर लेजाने की योजना का विरोध किया गया और जंक्शन के बस स्टैंड को यथावत रखने व या फिर बस डिपो में शिफ्ट करने को लेकर मुहिम चलाने का निर्णय लिया गया है। भाजपा नेता सुरेंद्र जलंधरा ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी सूरत में बस स्टैंड को बाइपास पर जाने नहीं दिया जाएगा। आगामी बैठक जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में होगी और इसमें संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में जंक्शन के व्यापारी संगठनों को शामिल किया जाएगा। बैठक में सदस्यों ने आरोप लगाया कि बाइपास पर बस स्टैंड लेजाने से जंक्शन का व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा। उधर, गत दिनों में बाइपास पर बस स्टैंड का संचालन पीपीपी मोड पर कराने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्राइवेट कंपनी लिमिटेड के कर्मचारियों को बस स्टैंड के प्रोजेक्ट के बारे में अवगत करवाया। जानकारी के अनुसार उक्त प्राइवेट कंपनी की ओर से अमृतसर में पीपीपी मोड पर बस स्टैंड का निर्माण कर संचालन किया जा रहा है।

यह पहले कर चुके हैं विरोध
बैठक में सदस्यों ने अवगत करवाया कि टाउन पेंशनर्स समाज बस स्टैंड को बाइपास पर शिफ्ट करने का विरोध कर चुका है। आम आदमी पार्टी जंक्शन बस स्टैंड को यथावत रखने की मांग कर चुकी है। कई सामाजिक व व्यापारी संगठन जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर जंक्शन बस स्टैंड को बस डिपो में शिफ्ट करने की मांग कर चुके हैं। बैठक मे निर्णय लिया गया कि इन सभी संगठन के सदस्यों को एक मंच पर ला जाएगा और इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। बैठक में भाजपा नेता विजय कौशिक, बजरंग दल नेता कुलदीप नरूका, डॉ. रमेश बरायच, एडवोकेट सुनील चाहर, अशोक व्यास, विजय बलाडिया, सुभाष खीचड़ आदि मौजूद रहे।

नक्शा तैयार, पीपीपी मोड पर संचालन करने पर मंथन
अबोहर-श्रीगंगानगर बाइपास पर प्रस्तावित नए बस स्टैंड को लेकर नगर परिषद ने होमवर्क करना शुरू कर दिया है। आचार संहिता के बाद इस प्रोजेक्ट को लेकर निविदा जारी की जाएगी। नक्शे के अनुसार नए बस स्टैंड में रोडवेज की बसों के लिए डीजल पंप, वर्कशाप व वेंटिग हॉल की सुविधा होगी। इस बस स्टैंड में आधुनिक बस डिपो होगा। इसमें चालक, परिचालक के रहने के साथ अधिकारियों की बहुमंजिला एक विंग होगी। उधर, रोडवेज आगार ने इसको लेकर अभी तक मंथन नहीं किया है। बाइपास पर प्रस्तावित २० बीघा भूमि में से १५ बीघा भूमि में दो मंजिला बस स्टैंड होगा। इस बस स्टैंड का निर्माण दिल्ली कश्मीरी गेट टर्मिनल की तरह ड्राइंग तैयार की गई है। इसमें वाहनों की पार्किंग होगी और करीब सौ से अधिक दुकानें भी बनेंगी। इन दुकानों का आवंटन ऑनलाइन नीलामी के जरिए किया जाए।

ग्राउंड फ्लोर की इतनी होगी जगह
नए बस स्टैंड का निर्माण ४१२७५ स्केयर मीटर एरिया में भी होगा। ग्राउंड फ्लोर १७०८ स्केयर मीटर का होगा। फस्र्ट फ्लोर १३१२ स्केयर मीटर एरिया का होगा। वर्कशॉप ३०३ स्केयर मीटर, पेट्रोल पंप ४८७ स्केयर मीटर, एटीएम, चालक विश्राम गृह, सिक्योरिटी कक्ष, सार्वजनिक शोचालय- २०० स्केयर मीटर एरिया, बस पार्किंग वाली जगह ८२४८ स्केयर मीटर एरिया, बस टर्मिनल १२२५८ स्केयर मीटर में होगा। इसके अलावा नगर परिषद ने आय का साधन करते हुए वाणिज्य ब्लॉक का निर्माण भी करेगी। ग्राउंड फ्लोर पर ३२१५ स्केयर मीटर में वाणिज्य ब्लॉक होगा और इसी तरह फस्र्ट फ्लोर होगा, दोनों फ्लोर पर कुल ११२ दुकानें कटेंगी। नगर परिषद ने दावा किया कि हनुमानगढ़ के नए बस स्टैंड को दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड की तरह रूप दिया जाएगा।

रोडवेज की मांग: बस डिपो में शिफ्ट हो बस स्टैंड
रोडवेज के डिपो मैनेजर अंकित कुमार शर्मा ने बताया कि पूर्व में रोडवेज की ओर से बस स्टैंड का संचालन डिपो में करने का निर्णय करते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। नगर परिषद ने बस स्टैंड व बस डिपो को लेकर जो योजना तैयार की है। रोडवेज को नप की ओर से कोई प्रोपोजल नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि रोडवेज कर्मी बस स्टैंड को बस डिपो में शिफ्ट करवाना चाहता हैं। इसके लिए रोडवेज ने पीपीपी मोड पर संचालन करने के लिए प्राइवेट कंपनियों से प्रोपोजल भी मांगे थे। रोडवेज डिपो में निर्धारित बस स्टैंड की भूमि की साफ-सफाई को लेकर पेड़ों को भी कटवाया था। इसके पश्चात कोई कार्यवाही नहीं हुई। रोडवेज का तर्क है कि अबोहर बाइपास पर बस स्टैंड होने से प्रतिदिन २०६ लीटर डीजल की खपत बढ़ेगी। वर्तमान में जंक्शन बस स्टैंड से रोजाना १०३ गाडिय़ों का आवागमन होता है। अबोहर बाइपास पर बस स्टैंड शिफ्ट होने से साढ़े चार किलोमीटर की दूरी बढ़ेगी। एक बस की माइलेज भी चार किलोमीटर प्रति लीटर के करीब है। ऐसे में एक वर्ष में ८० लाख रुपए के डीजल की खपत अधिक होगी और बस स्टैंड में रोडवेज नगर परिषद को एक बस की एवज में प्रति चक्कर दस रुपए शुल्क देती है।