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हनुमानगढ़ को नशा रोगी बना रहे टॉपर तो बढ़ रही टेंशन

Drug Addiction Spreading in Hanumangarh : बोर्ड परीक्षा परिणाम के इस माहौल में हनुमानगढ़ जिला ऐसे मामले में भी टॉपर बन गया है जो कोई नहीं बनना चाहेगा।

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हनुमानगढ़ को नशा रोगी बना रहे टॉपर तो बढ़ रही टेंशन
– नशा रोगियों की सबसे ज्यादा तादाद हनुमानगढ़ जिले में
– बढ़ते नशा रोगियों के कारण नशा मुक्ति केन्द्र भी सबसे अधिक यहीं
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. बोर्ड परीक्षा परिणाम के इस माहौल में हनुमानगढ़ जिला ऐसे मामले में भी टॉपर बन गया है जो कोई नहीं बनना चाहेगा। बढ़ते नशे के कारण नशा रोगियों की संख्या के मामले में जिला टॉप कर रहा है। संभाग में तो हनुमानगढ़ सबसे आगे है ही, प्रदेश में भी कई बड़े जिलों को पछाड़ कर टॉपर में शामिल है।
रोगियों के चलते नशा मुक्ति केन्द भी यहां धड़ाधड़ खुल रहे हैं। यही वजह है कि संभाग में सर्वाधिक नशा मुक्ति केन्द्र हनुमानगढ़ में ही संचालित हो रहे हैं। नशा मुक्ति केन्द्र से महंगा इलाज कराना सबके बस की बात नहीं है। जितने रोगी इलाज ले रहे हैं, उससे कई गुणा तादाद उनकी है, जिन्होंने कभी नशा मुक्ति केन्द्र का रुख भी नहीं किया है। बढ़ता नशा व रोगी अपराधों का ग्राफ भी बढ़ा रहे हैं जो सबके लिए खतरे की घंटी है।
तीस में छह हजार पार
जिले में 30 नशा मुक्ति केन्द्र संचालित हो रहे हैं। जबकि संभाग मुख्यालय बीकानेर में मात्र दो, चूरू में छह तथा श्रीगंगानगर में 15 नशा मुक्ति केन्द्र चल रहे हैं। संभाग के हिसाब से सर्वाधिक नशा मुक्ति केन्द्र भी बीकानेर संभाग में ही संचालित हैं। यह हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर में संचालित 45 नशा मुक्ति केन्द्रों की वजह से है। रोगी भी हनुमानगढ़ जिले के ही नशा मुक्ति केन्द्रों में सर्वाधिक संख्या में इलाज करवा रहे हैं। जिले में 6179, श्रीगंगानगर में 5838, चूरू में 1541 तथा बीकानेर जिले में 345 रोगी इलाज कराने पहुंचे।
डेढ़ हजार के करीब गिरफ्तार
एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई में श्रीगंगानगर के बाद हनुमानगढ़ का दूसरा नम्बर है। वर्ष 2021 से अप्रेल 2023 तक जिले में कुल 707 एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण दर्ज कर 1440 जनों को गिरफ्तार किया गया। जबकि वर्ष 2018 से पहले तो जिले में हर साल सौ से भी कम नशे की तस्करी के मामले पकड़ में आते थे।
सरकारी भी खुलेगा
इस साल बजट में मुख्यमंत्री हनुमानगढ़ में सरकारी नशा मुक्ति केन्द्र स्वीकृत कर चुके हैं। इससे इलाज कराने वाले और रोगी सामने आएंगे। क्योंकि निजी नशा मुक्ति केन्द्रों पर इलाज बहुत महंगा पड़ता है। नशे के कारण रोगी की आर्थिक स्थिति वैसे ही खराब रहती है।
माना स्थिति गंभीर
जिले के दौरे पर आए राजेश मीणा, महानिरीक्षक पुलिस (पी एंड डब्ल्यू) ने भी पत्रकारों से बातचीत में जिले में बढ़ती नशे की समस्या को स्वीकारा। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ में नशा तेजी से फैल रहा है। पुलिस अधिकारियों को बड़े नशा सप्लायर को पकडऩे, पब्लिक का सहयोग लेकर निरंतर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
फैक्ट फाइल
जिले में नशा मुक्ति केन्द्र – 30
रोगी पहुंचे इलाज को – 6179
एनडीपीएस एक्ट प्रकरण – 707
एनडीपीएस में गिरफ्तारी – 1440
(नोट: प्रकरण व गिरफ्तारी वर्ष 2021 से अप्रेल 2023 तक।)