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संवेदनाएं तार-तार, पिता की हत्या के बाद मां को हुई जेल, बेटा-बेटी हुए बेघर

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल शनिवार को क्षेत्र के गांव जनाना व झांसल में पहुंच पिता की हत्या के बाद बेघर हुए बच्चों को संभाला।

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भादरा. बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल शनिवार को क्षेत्र के गांव जनाना व झांसल में पहुंच पिता की हत्या के बाद बेघर हुए बच्चों को संभाला। कुछ दिन पूर्व जयकरण हत्याकांड मामले में जयकरण के एक बेटा (12) और एक बेटी (11) बेघर होने की वजह से मामला बाल कल्याण समिति के संज्ञान में आने पर दोनों बच्चों से मिलकर उनकी पूरी व्यथा जानी और नाबालिग बच्चों ने पूरा घटनाक्रम जितेन्द्र गोयल को बताते हुए कहा कि पिता की हत्या के बाद माता को जेल भेज दिया गया। हत्या में मां मुख्य थी। उसके बाद ताऊ द्वारा घर पर पड़ी फसल और पशु बेचकर सारे पैसे अपने पास रख लिए गए और उन्हें कह दिया गया कि पैसे सारे केस में खर्च हो गए और घर से निकाल दिया। दूसरे ताऊ, भुआ ने बड़े ताऊ से डरते हुए घर नहीं रखा।

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इस पर बेघर होने के बाद बच्चे गांव झांसल के एक मंदिर में रह रहे थे। बच्चों की पूरी बात सुन कर भिरानी पुलिस थाना को सूचित कर मौके पर बुला गया और बच्चों को शीघ्र न्याय दिलाने के संबंध में पत्र लिखा गया। बच्चों को एक बार पुलिस जांच के दौरान दूसरे ताऊ के संरक्षण में सौंपा गया है। बच्चों से यह भी कहा गया कि कोई रिश्तेदार या अन्य कोई देखभाल करने में असमर्थ हो तो सीडब्ल्यूसी को सूचित करें।

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