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मुलाकात से भी ज्यादा डोज जरूरी है सनम…

अदरीस खान @ हनुमानगढ़. फिल्मी गीत है कि जिंदा रहने के लिए तेरी कसम, एक मुलाकात जरूरी है सनम। मगर कोरोना काल में मुलाकात से भी ज्यादा वैक्सीन की दोनों डोज जरूरी है। प्रदेश भर के जिला कारागृहों में बंदियों से मुलाकात की चाह रखने वालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है।

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मुलाकात से भी ज्यादा डोज जरूरी है सनम...

मुलाकात से भी ज्यादा डोज जरूरी है सनम...

मुलाकात से भी ज्यादा, डोज जरूरी है सनम...
- बंदियों से मुलाकात के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी जरूरी
- कोरोना की तीसरी लहर के दृष्टिगत जिला कारागृह में पहले की तरह नहीं ऑनलाइन भेंट की व्यवस्था
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. फिल्मी गीत है कि जिंदा रहने के लिए तेरी कसम, एक मुलाकात जरूरी है सनम। मगर कोरोना काल में मुलाकात से भी ज्यादा वैक्सीन की दोनों डोज जरूरी है। प्रदेश भर के जिला कारागृहों में बंदियों से मुलाकात की चाह रखने वालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है। इसके अभाव में उनको मुलाकात का मौका नहीं मिल सकेगा। दरअसल प्रदेश के जिला कारागृहों में पूर्व में कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए बंदियों से ऑनलाइन मुलाकात की व्यवस्था कर दी गई थी।
पिछले महीने ही इसमें बदलाव कर ऑनलाइन की बजाय पुन: ऑफलाइन मुलाकात की अनुमति दे दी गई। मगर संक्रमण की तीसरी लहर की बढ़ती आशंका के चलते मुलाकात के लिए आने वालों के कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होना अनिवार्य कर दिया गया है। मुलाकात से पहले कोरोना वैक्सीनेशन संबंधी सर्टिफिकेट की प्रतिलिपि जेल प्रशासन को दिखानी होगी। इसके साथ ही भेंट के लिए दिन भी तय कर दिए गए हैं।
एक व्यक्ति, 15 दिन
जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर राज्य के सभी जिला कारागृह में एक बंदी की महीने में केवल दो बार ही परिजनों से मुलाकात की व्यवस्था की गई है। मतलब कि 15 दिन के अंतराल पर ही बंदी से भेंट की जा सकती है। एक बार में केवल एक व्यक्ति ही मिल सकता है और उसके कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी जरूरी है।
जेल जाते ही टीका
न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने से पहले बंदी की कोरोना जांच अनिवार्य है। जांच रिपोर्ट आने से पहले उनको अलग रखा जाता है। नेगेटिव रिपोर्ट के बाद यदि बंदी के कोरोना वैक्सीन की डोज नहीं लगी है तो तत्काल उसका वैक्सीनेशन कराया जाता है।
दिखाना होगा सर्टिफिकेट
बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले व्यक्ति के कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी जरूरी है। इसका सर्टिफिकेट अनुमति देने के दौरान देखा जाता है। इसके अभाव में भेंट नहीं कराई जाती। अधिकांश बंदियों का टीकाकरण करवाया जा चुका है। - इकबाल भाटी, उप कारापाल, जिला कारागृह हनुमानगढ़।