गर्म मौसम में विभाग के लिए पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखना रहेगा चुनौती
-नहरबंदी में होंगे 65 किमी में काम, तैयारी अंतिम चरण में
-पीएचईडी की डिग्गियों को भरने में जुटा सिस्टम
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में 26 मार्च से 24 मई तक बंदी रहेगी। इस अवधि में पहले तीस दिनों तक राजस्थान में पेयजल के लिए दो हजार क्यूसेक पानी चलाया जाएगा। इसके बाद तीस दिनों तक पूर्ण बंदी रहेगी। बंदी के दौरान भीषण गर्मी में पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखना सरकारी तंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। इसकी प्लानिंग करने में अधिकारी जुट गए हैं। वहीं बंदी अवधि में नहर रीलाइनिंग व बेड लाइनिंग के कार्य करवाए जाएंगे। बंदी को लेकर पंजाब व राजस्थान सरकार में करार हो गया है।
65 किलोमीटर में संपन्न होने वाले रीलाइनिंग कार्य को करवाने के लिए एक सौ से अधिक अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। यह अभियंता हर पल रीलाइनिंग कार्य की निगरानी करेंगे। इंदिरागांधी नहर में होने वाली लंबी बंदी के दौरान प्रदेश के हजारों गांवों व विभिन्न शहरों में पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने को लेकर माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। इसके तहत पेयजल भंडारण करने का कार्य अंतिम चरण में है।
पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने के लिए कलक्टर के निर्देश पर उपखंड स्तर पर कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, सीईओ, विकास अधिकारी, पीएचईडी के सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता, डिस्कॉम के सहायक अभियंता तथा शहरी क्षेत्र में नगर परिषद अधिकारियों को शामिल किया गया है। जो आपसी समन्वय से नहरबंदी अवधि में लाखों लोगों की प्यास बुझाने का कार्य करेंगे। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जैसलेमर, जोधपुर सहित बारह जिलों को जलापूर्ति होती है। राजस्थान सरकार ने चालू वर्ष में रीलाइनिंग कार्य के लिए करीब तीन सौ करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
मिलेगा पूरा पानी
इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग कार्य पूर्ण होने पर परियोजना से जुड़ी नहरों में तय शेयर के अनुसार पानी मिलने लगेगा। इस तरह का दावा अधिकारी कर रहे हैं। नहर निर्माण के बाद पहली बार रीलाइनिंग प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। इसके तहत वर्ष-दर-वर्ष रीलाइनिंग कार्य करवाए जा रहे हैं।
डिग्गियों को भरने में जुटे
जल संसाधन विभाग के एक्सईएन सुरेश सुथार के अनुसार बंदी अवधि में 26 मार्च से पहले तीस दिनों तक नहर में पेयजल के लिए 2000 क्यूसेक पानी चलाया जाएगा। इसके बाद तीस दिनों की पूर्ण बंदी रहेगी। वर्तमान में बंदी से पहले पीएचईडी की डिग्गियों को भराव क्षमता के अनुसार भरने का कार्य चल रहा है। इंदिरागांधी नहर का शेयर वर्तमान में 8000 क्यूसेक निर्धारित है। इसके तहत सभी नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी चल रहा है।