
जानिए उत्तर भारत के प्रसिद्ध गोगामेड़ी मंदिर में चढ़ावे के पैसों को बुरी नजर से बचाने को लेकर इस बार क्या किए गए हैं बदलाव
जानिए उत्तर भारत के प्रसिद्ध गोगामेड़ी मंदिर में चढ़ावे के पैसों को बुरी नजर से बचाने को लेकर इस बार क्या किए गए हैं बदलाव
-अबकी बार नहीं हो सकेगा आस्था के पैसों से खिलवाड़
-उत्तर भारत के प्रसिद्ध गोगामेड़ी मंदिर में चढ़ावे की राशि को बुरी नजरों से बचाने की कोशिश
हनुमानगढ़. उत्तर भारत के प्रसिद्ध गोगामेड़ी मेले में आने वाली चढ़ावे की राशि से होने वाले खिलवाड़ को रोकने को इस बार जिला प्रशासन ने मेले की दुकानों का आवंटन ऑनलाइन तरीके से करने का निर्णय लिया है। मंदिर के चढ़ावे की निगरानी को लेकर भी कार्य योजना बनाई है। इसमें सीसीटीवी कैमरे में प्रतिदिन के चढ़ावे की गणना करवाने के साथ ही जिला स्तर पर ट्रेजरी कार्यालय के प्रतिनिधि व मेला मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी तय की है कि वह अपनी निगरानी में चढ़ावे की राशि की गणना कर राजकोष में जमा करवाए। यह मेला 11अगस्त से शुरू होगा, जो 10 सितम्बर तक चलेगा। बीते दो बरसों 2020 व 2021 में मेला नहीं लगा था। इस बार मेले में काफी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर में दुकानों की नीलामी से करीब ढाई करोड़ की आय होती है। इसमें कुछ घटत-बढ़त होती है। इतनी राशि ही चढ़ावे में भी आ जाती है।
चढ़ावे पर रही है बुरी नजरें
गोगामेड़ी मेले में आने वाले चढ़ावे पर बुरी नजरें भी हमेशा रही है। वर्ष 2003 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हनुमानगढ़ की टीम ने कार्रवाई कर देवस्थान विभाग के कर्मचारियों को पकड़ा था। इसमें जीजीएम नहर के पास कर्मचारी ट्रक में भरकर रेजगारी और चढ़ावे के पैसे को लेकर कहीं ले जाते मिले थे। एसीबी की टीम ने पीछा कर कार्रवाई की तो मामला सामने आया। इस मामले में तत्कालीन कैशियर सहित कई कर्मचारी आरोपित थे। वर्ष 2018 में एक करोड़ से अधिक रुपए को गोलमाल करने का मामला भी सामने आ चुका है। तत्कालीन देवस्थान विभाग की सहायक आयुक्त ने विभाग के कैशियर व सहायक लेखाकार पर एक करोड़ 9 लाख 58 हजार 522 रुपए की राशि को बार-बार नोटिस दिए जाने के बाद भी जमा नहीं कराने का मामला गोगामेड़ी थाने में दर्ज करवाया था।
.......फैक्ट फाइल.....
-गोगामेड़ी मेले में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु मत्था टेकने के लिए पहुंचते हैं।
-मेले से प्रति वर्ष औसतन 05 करोड़ की आमदनी देवस्थान विभाग को होती है।
-मेले में अस्थाई तौर पर 621 दुकानों का आवंटन किया जाता है।
-दुकानों के आवंटन को लेकर इस बार ऑनलाइन 1017 आवेदन आ चुके हैं।
.......वर्जन.....
मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी तय
मेले से प्राप्त चढ़ावे की राशि की निगरानी इस बार प्रतिदिन होगी। चढ़ावे की राशि को जमा करवाने के लिए मेला मजिस्ट्रेट व ट्रेजरी कार्यालय के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी तय की गई है। हेड क्वार्टर के स्टाफ की मदद भी ली जाएगी।
-नथमल डिडेल, कलक्टर, हनुमानगढ़
Published on:
14 Jul 2022 10:49 am
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