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रेडियोलोजिस्ट का अभाव, जांच सुविधा से दूर आमजन

रेडियोलोजिस्ट का अभाव, जांच सुविधा से दूर आमजन- डीएमएफटी योजना से खरीदी थी 28 लाख की मशीन, अब फांक रही धूलहनुमानगढ़. जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट के अभाव के चलते आमजन को जांच की सुविधा नहीं मिल रही।

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रेडियोलोजिस्ट का अभाव, जांच सुविधा से दूर आमजन

रेडियोलोजिस्ट का अभाव, जांच सुविधा से दूर आमजन

रेडियोलोजिस्ट का अभाव, जांच सुविधा से दूर आमजन
- डीएमएफटी योजना से खरीदी थी 28 लाख की मशीन, अब फांक रही धूल
हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट के अभाव के चलते आमजन को जांच की सुविधा नहीं मिल रही। जबकि डीएमएफटी फंड से खरीदी गई 28 लाख रुपए की लागत की मशीन धूल फांक रही है। हालांकि गत दिनों में जिला अस्पताल को डेढ़ साल बाद एक रेडियोलोजिस्ट मिली थी। वह भी एक साल के लिए सीनियर रेजिडेंट शिप करने के लिए जयपुर जा चुकी है। नियमों के तहत इनका मूल पद जिला अस्पताल ही रहेगा। जिला अस्पताल के कुल पांच चिकित्सक सीनियर रेजिडेंट शिप कर रहे हैं। इनका मूल पद जिला अस्पताल में होने के कारण यहां के लोगों को इनका लाभ नहीं मिल रहा और चिकित्सा विभाग इनकी जगह पर अन्य किसी चिकित्सक को नहीं लगा सकता है। इससे साफ है कि रोडियोजिस्ट की सुविधा आमजन को नहीं मिल पाएगी। डेढ वर्ष पूर्व डीएमएफटी फंड से 28 लाख रुपए की लागत से खीरीदी गई सोनोग्राफी मशीन, इसी तरह बंद कमरे में धूल फांकने के लिए पड़ी रहेगी। जबकि इसका विधिवत उद्घाटन विधायक चौधरी विनोद कुमार ने किया था। गौरतलब है कि दिसंबर 2020 में सोनोग्राफी मशीन का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद मशीन के रजिस्ट्रशन के करवाई हुई। इस बीच चिकित्सा विभाग ने रेडियोलोजिस्ट का तबादला कर दिया। तब से लेकर अब तक जिला अस्पताल में एक ही रेडियोलोजिस्ट होने के कारण केवल गर्भवती की ही जांच की सुविधा थी। वहीं प्रत्येक माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी महिलाओं की सोनोग्राफी जांच नहीं हो पाती।


तबादलों का दौर जारी
2020 में स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलोजिस्ट डॉ. विवेक को जिला अस्पताल लगाया था। अस्पताल प्रशासन ने सभी तरह के रोगियों की सोनोग्राफी जांच की सुविधा शुरू कराने का निर्णय लेते हुए डीएमएफटी फंड से सोनोग्राफी मशीन खरीदने की कार्यवाही की थी। आनन-फानन में सोनोग्राफी मशीन की संचालन की कार्यवाही पूरी करने से पहले उद्घाटन तक करवा दिया था। इसके बाद मशीन की संचालन की प्रक्रिया जैसे ही पूरी हुई तो स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलोजिस्ट डॉ. विवेक का तबादला चूरू कर दिया था। इसकी वजह से सभी रोगियों की सोनोग्राफी जांच की सुविधा शुरू होने से पहले ही ठप हो गई थी। दरअसल मशीन की कागजी प्रक्रिया के बाद जिला अस्पताल प्रशासन नई सोनोग्राफी मशीन से जांच कराने के लिए दरें भी तय की। गर्दन, थायराइयड, ब्रेस्ट, एग्जीला, स्क्रोटम आदि की जांच के लिए 150 रुपए निर्धारित हैं। यूएसजी कलर डोपलर के लिए 600 रुपए व ईकोकार्डियोग्राफी के लिए 550 रुपए हैं। जबकि रोगी के पेट की सामान्य सोनोग्राफी निशुल्क तय किया था। लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतरी।

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