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हनुमानगढ़

जल्दी सैंपल जांच के साधन-संसाधन जुटाने की सरकारी प्रक्रिया सुस्त

हनुमानगढ़. जिले से संग्रहित खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपल जांच की रिपोर्ट शीघ्रता से मुहैया कराने की व्यवस्था में निरंतर विलम्ब हो रहा है। अभी सैंपल जांच के लिए बीकानेर भिजवाए जा रहे हैं। वहां से औसतन तीन से पांच सप्ताह के बीच जांच रिपोर्ट मिल रही है।

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जल्दी सैंपल जांच के साधन-संसाधन जुटाने की सरकारी प्रक्रिया सुस्त
– कई सप्ताह की बजाय कुछ दिनों में फूड सैंपल जांच की रिपोर्ट मिलने की व्यवस्था में अभी और लगेगा समय
– फूड लैबोरेट्री स्थापना संबंधी सरकारी प्रक्रिया की गति धीमी
हनुमानगढ़. जिले से संग्रहित खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपल जांच की रिपोर्ट शीघ्रता से मुहैया कराने की व्यवस्था में निरंतर विलम्ब हो रहा है। अभी सैंपल जांच के लिए बीकानेर भिजवाए जा रहे हैं। वहां से औसतन तीन से पांच सप्ताह के बीच जांच रिपोर्ट मिल रही है। यह कई सप्ताह के इंतजार से मिलने वाली जांच रिपोर्ट कुछ ही दिनों में मिल सकती है, इसके लिए ही जिला स्तर पर फूड लैबोरेट्री की मंजूरी दी गई थी। किन्तु जिला मुख्यालय पर लैबोरेट्री स्थापना की प्रक्रिया अपेक्षा के अनुरूप गति नहीं पकड़ सकी है। फूड लैबोरेट्री स्थापना संबंधी सरकारी प्रक्रिया की गति धीमी है। ऐसे में फूड सैंपल की स्थानीय स्तर पर जांच की व्यवस्था के लिए अभी और इंतजार करना होगा। फिलवक्त फूड लैबोरेट्री भवन निर्माण संबंधी स्वीकृति तथा भवन निर्माण टैंडर प्रक्रिया चिकित्सा निदेशालय स्तर पर सुस्त गति से चल रही है।
मंजूरी को होने आया साल
खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच वास्ते दिसम्बर 2021 में हनुमानगढ़ सहित 15 जिलों में खाद्य प्रयोगशाला मंजूर की गई थी। जल्दी ही मंजूरी को एक साल बीत जाएगा। मगर अब तक लैब भवन निर्माण की नींव भी नहीं रखी जा सकी है। ऐसे में तय है कि फूड लैबोरेट्री पर खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपल जांचने की व्यवस्था अगले साल भी कई महीने गुजरने के बाद ही शुरू हो। यद्यपि लैब निर्माण को लेकर भूमि तय की जा चुकी है। इसका तकमीना तैयार करवा कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है जो स्वीकृत भी हो चुकी है।
अभी लग रहे कई सप्ताह
जिले में खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपल संग्रहण की गति पिछले कुछ समय से बढ़ी है। सैंपल को जांच के लिए बीकानेर भेजना पड़ता है। इसमें समय व सरकारी धन खर्च होता है। औसतन एक सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में तीन से पांच सप्ताह का समय लग जाता है। जिला स्तर पर लैबोरेट्री बनने के बाद नमूनों की जांच शीघ्रता से हो सकेगी जो कई सप्ताह की बजाय कुछ दिनों में ही आ जाएगी। इससे मिलावटखोरों पर जल्दी एक्शन हो सकेगा। गौरतलब है कि जिले से औसतन हर बरस डेढ़ सौ से दो सौ सैंपल एकत्र किए जाते रहे हैं। इस साल सैंपल संग्रहण का आंकड़ा बरस के आखिर तक नया रेकॉर्ड बना सकता है।
कितने में निर्माण प्रस्तावित
फूड लैबोरेट्री का निर्माण जंक्शन में स्वास्थ्य भवन परिसर में ही होगा। सीएमएचओ कार्यालय से फूड लैब निर्माण को लेकर तकमीना तैयार करवा मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। यहां से प्रस्तावित की गई जगह को मुख्यालय की स्वीकृति भी मिल चुकी है। फूड लैब निर्माण के लिए करीब 4000 वर्ग फीट क्षेत्र में निर्माण प्रस्तावित है। स्वास्थ्य भवन परिसर में सीएमएचओ कार्यालय पहले से संचालित है। उसी परिसर में औषधि नियंत्रक अधिकारी कार्यालय एवं जिला औषधि भंडार चल रहा है। बीसीएमओ कार्यालय भवन भी वहीं बनेगा।