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हमारे बाजार में खूब फल-फूल रहा आधुनिक कृषि यंत्रों का कारोबार

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. जिले में कृषि यंत्रों का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। जिला मुख्यालय के साथ अब रावतसर, संगरिया क्षेत्र में भी इसके अच्छे बाजार बन गए हैं। यहां निर्मित कृषि यंत्रों की मांग दूसरे प्रदेशों में भी खूब रहती है। यहां के कृषि यंत्र निर्माता खेती को आसान बनाने में लगातार जुटे हुए हैं।  

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हमारे बाजार में खूब फल-फूल रहा आधुनिक कृषि यंत्रों का कारोबार

हमारे बाजार में खूब फल-फूल रहा आधुनिक कृषि यंत्रों का कारोबार

हमारे बाजार में खूब फल-फूल रहा आधुनिक कृषि यंत्रों का कारोबार
-उन्नत कृषि यंत्र खेती को बना रहे आसान
-यहां निर्मित कृषि यंत्रों की प्रदेश के दूसरे जिलों में भी रहती है मांग
हनुमानगढ़. जिले में कृषि यंत्रों का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। जिला मुख्यालय के साथ अब रावतसर, संगरिया क्षेत्र में भी इसके अच्छे बाजार बन गए हैं। यहां निर्मित कृषि यंत्रों की मांग दूसरे प्रदेशों में भी खूब रहती है। यहां के कृषि यंत्र निर्माता खेती को आसान बनाने में लगातार जुटे हुए हैं। यही कारण है कि रोटा वेटर, कंबाइन-हार्वेस्टिंग, भूमि समतलीकरण मशीन आदि की खूब खरीद हो रही है। जिले मेंं आर्थिक उन्नति का बड़ा आधार खेती ही है। इस वजह से कृषि यंत्रों का कारोबार भी उसी अनुपात में बढ़ रहा है। कृषि यंत्रों ने खेती को काफी आसान भी बना दिया है। इससे किसान समय पर फसलों की बिजाई करने के साथ ही कटाई भी समय पर कर पाते हैं। इससे खेती का प्रबंधन भी ठीक तरीके से हो रहा है। जमींदारा इंटरप्राइजेज के संचालक अजय मोठ्सरा कहते हैं कि आधुनिक कृषि यंत्रों ने खेती के कार्य को काफी आसान बना दिया है। इससे कम समय में बड़े क्षेत्र में बिजाई करना आसान रहता है। किसान भी उन्नत कृषि की अहमियत को समझ रहे हैं। त्योहारी सीजन में कुछ किसानों ने कृषि यंत्रों की खरीद को लेकर बुकिंग करवानी शुरू कर दी है। धनतेरस के दिन वह इसकी खरीद करेंगे।

ऑनलाइन हैं दुकानें
जिले में संचालित कृषि यंत्र की दुकानों की जानकारी किसानों को हो सके, इसके लिए कृषि विभाग ने पंजीकृत फर्मों की सूचना ऑनलाइन कर रखी है। विभाग की ओर से कृषि यंत्रों की खरीद पर वितरित अनुदान की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। कृषि विभाग के उप निदेशक दानाराम गोदारा के अनुसार किसानों की सहूलियत को देखते हुए ऐसा किया गया है। ताकि किसानों को यह पता चल सके कि किस दुकान पर कौन-कौन से कृषि यंत्र उपलब्ध हैं।

अनुदान प्रतिशत बढ़ाने की सिफारिश
जिले में कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकार की ओर से देय अनुदान का प्रतिशत बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया है। इसमें पराली प्रबंधन के लिए पराली कटाई मशीन पर अभी 40 प्रतिशत अनुदान देय है। जिला कलक्टर की तरफ से सरकार को प्रेषित प्रस्ताव में अनुदान प्रतिशत 80 करने की सिफारिश की गई है। ताकि अधिक से अधिक किसान इसकी खरीद कर सकें और पराली का बेहतर प्रबंधन हो सके।

कृषि यंत्रों का हब बन रहा रावतसर
रावतसर. पूरा राजस्थान ही वैसे तो कृषि आधारित क्षेत्र है परंतु राजस्थान के हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिलों का पूरे राजस्थान में कृषि के क्षेत्र में विशेष योगदान है। राजस्थान का अधिकांश हिस्सा बारानी आधारित क्षेत्र है। किसानों को कृषि के क्षेत्र में नए मुकाम पर पहुंचाने व कृषि को कृषि यंत्रों की मदद से सुविधाजनक करने के लिए नए-नए उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इसमें रावतसर कस्बा भी पीछे नहीं है रावतसर कस्बा दिनोंदिन कृषि यंत्रों का हब बनता जा रहा है। रावतसर क्षेत्र में दर्जनों दुकानें कृषि यंत्रों की है। इनमें हनुमानगढ़ रोड पर स्थित बालाजी एग्रीकल्चर वक्र्स की अपनी अलग ही पहचान है। बालाजी एग्रीकल्चर वक्र्स पर बनने वाले अत्याधुनिक कृषि उपकरणों को छह राज्यों में पहचान मिली है। संचालक श्यामलाल स्वामी व सुनील कुमार स्वामी ने बताया कि हरियाणा गुजरात मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश बिहार व पूरे राजस्थान में कृषि यंत्रों की आपूर्ति कर रहे हैं जिनमें विशेषकर तवीयां, हल, प्लाउ, रोटावेटर, डोली करावा, ट्रॉली, हैरो, बिजाई मशीन, डंपर, कल्टीवेटर शामिल है। बालाजी एग्रीकल्चर के संचालक श्यामसुंदर स्वामी, सुनील कुमार स्वामी ने बताया कि उनका जन्म किसान परिवार में हुआ है। खेती के काम में आने वाली हर समस्या से वह रूबरू हैं। खेती-किसानी के काम में आने वाली हर बाधाओं को दूर करने व यंत्रों के माध्यम से खेती को आसान करने के लिए वर्ष 2011 में हनुमानगढ़ रोड पर कृषि यंत्रों का निर्माण कार्य शुरू किया। वर्तमान में बाजार की मांग को देखते हुए कृषि औजार बनाने में दर्जनों कारीगर दिन रात लग कर कृषि यंत्रों का निर्माण कर रहे हैं।

........वर्जन...............
बाजार में बढ़ रही है मांग
जिले में कृषि यंत्रों की मांग खूब बढ़ रही है। किसानों की मांग को देखते हुए हम आधुनिक कृषि यंत्र बनाकर खेती को आसान बनाने में लगे हुए हैं। हमारा प्रयास रहता है कि हम उन्नत खेती में किसानों की मदद कर सकें। त्योहारी सीजन में इस बार अच्छा कारोबार हो रहा है।
-भीमसेन बेनीवाल, संचालक जमीदारा एग्रोटक हनुमानगढ़