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हनुमानगढ़

अब पशुओं के बीमार होने पर घर पर आएगी मोबाइल वेटरनरी वैन

हनुमानगढ़. मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन सेवा अथवा मोबाइल वेटरनरी इकाइयों का लोकार्पण शनिवार को जंक्शन स्थित अग्रसेन भवन से किया गया। जिले में स्वीकृत 11 मोबाइल वाहनों में से शनिवार को पांच वाहनों को जिला कलक्टर काना राम, विधायक गणेश राज बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र पारीक, पूर्व जिला अध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया।

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अब पशुओं के बीमार होने पर घर पर आएगी मोबाइल वेटरनरी वैन
-जिले के लिए पांच पशु चिकित्सा वाहनों को दिखाई हरी झंडी
-पशुपालकों के लिए 1962 नंबर जारी

हनुमानगढ़. मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन सेवा अथवा मोबाइल वेटरनरी इकाइयों का लोकार्पण शनिवार को जंक्शन स्थित अग्रसेन भवन से किया गया। जिले में स्वीकृत 11 मोबाइल वाहनों में से शनिवार को पांच वाहनों को जिला कलक्टर काना राम, विधायक गणेश राज बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र पारीक, पूर्व जिला अध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि जिले के दूर दराज क्षेत्रों में तथा पशुपालकों को पशुओं के लिए घर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। जो राज्य सरकार का सराहनीय कदम है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. हरीश गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक 1 लाख पशुधन के लिए एक पशु चिकित्सा वाहन इकाई की व्यवस्था की गई है। जिले के लिए 11 इकाई स्वीकृत है। तथा जिनमें से पांच का शुभारंभ किया जा रहा है। वर्तमान में नोहर, भादरा, हनुमानगढ़, टिब्बी और रावतसर के लिए वाहन रवाना किए गए हंै। पशु चिकित्सा इकाई का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों के लिए दूरभाष नंबर 1962 शुरू किया जा रहा है। जिस पर फोन लगाकर पशुपालक सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में जहां पशुपालन विभाग के संसाधनों की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां शिविरों का आयोजन कर सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस कार्य के लिए निदेशालय स्तर से एनजीओ का चयन किया गया है। योजना में एनजीओ द्वारा ही पशु चिकित्सक, पशुधन सहायक, वाहन चालक तथा आवश्यक औषधि की व्यवस्था की जाएगी। विभाग द्वारा कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी तथा नियमित प्रगति देखी जाएगी। मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार की योजना की सराहना की। क्षेत्र के पशुपालकों को अधिक से अधिक सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग, कृषि विभाग के अधिकारी और क्षेत्र के किसान, पशुपालक इत्यादि उपस्थित रहे।