
धान खरीद की रफ्तार तेज, कल से किसानों के खाते में करेंगे सीधा भुगतान
धान खरीद की रफ्तार तेज, कल से किसानों के खाते में करेंगे सीधा भुगतान
-जिले की मंडियों में हो रही धान की सरकारी खरीद
-करीब डेढ़ दशक बाद जिले में सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही है धान
हनुमानगढ़. जिले में समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद अब बिल आदि सबमिट करने का काम भी एफसीआई स्तर पर शुरू कर दिया गया है। खरीद के बाद तौल व उठाव कार्य को लेकर भी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद सोमवार से ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। सीधे किसानों के खाते में राशि जमा करवाने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद को लेकर मंडियों में बारदाना पहुंचा दिया गया है। धान खरीद की रफ्तार में भी तेजी आ रही है। पहले दिन जहां करीब सात सौ क्विंटल तक खरीद की गई थी, तो अब दो हजार क्विंटल तक खरीद की जा रही है। जिले में इस बार १९६० रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान की सरकारी खरीद की जा रही है। पूर्व में ग्रेडिंग के हिसाब से १९४० रुपए प्रति क्विंटल रेट निर्धारित किया गया था। लेकिन बाद में क्वालिटी की रीचेकिंग में सेंपल पास होने पर अब १९६० रुपए प्रति क्विंटल रेट कर दिया गया है।
इतनी खरीद हो रही
जिले की टाउन मंडी में २९ अक्टूबर को १९६० क्विंटल धान की सरकारी खरीद की गई। इसी तरह जंक्शन में ८००, डबलीराठान में ४९० क्विंटल धान की खरीद की गई। अच्छी क्वालिटी का परमल धान इस समय मंडियों में आ रहा है। इस बार अच्छी पैदावार होने के कारण मंडियों में धान बम्पर आवक भी हो रही है।
यह दस्तावेज होगा मान्य
भारतीय खाद्य निगम/ राज्य खरीद एजेंसी की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद के दौरान वास्तविक किसानों की पहचान के लिए कई दस्तावेजों की अनिवार्यता लागू की गई है। इसमें आधार कार्ड, पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र में से कोई भी एक मान्य होगा। भूमि संबंधी दस्तावेज में पटवारी की ओर से जारी गिरदावरी, बैंक पासबुक की कॉपी जरूरी होगी।
सहमति प्रमाण पत्र आवश्यक
समर्थन मूल्य पर धान खरीद के दौरान भुगतान को लेकर भी नियम जारी किए गए हैं। इसमें यदि किसान की ओर से प्रस्तुत भूमि संंबंधी दस्तावेजों के अनुसार भूमि एक से अधिक साझेदारों के नाम है। इस स्थिति में यह जांच करना आवश्यक है कि किसान की ओर से केवल अपने स्वयं के हिस्से की फसल विक्रय के लिए लाई गई है। यदि वह अन्य किसान के हिस्से फसल भी विक्रय के लिए लाता है तो भुगतान को लेकर अन्य किसानों का नोटेरी से सत्यापित सहमति संबंधी दस्तावेज भी लेकर आना होगा।
इतनी नमी तक खरीद
राजस्थान पत्रिका ने 'धान का मिले उचित मोलÓ शीर्षक से अभियान चलाया। तथ्यात्मक समाचाारों के प्रकाशन के बाद सरकारी तंत्र सक्रिय हुआ। इस बार हनुमानगढ़ के साथ ही श्रीगंगानगर में भी धान की सरकारी खरीद शुरू की गई है। इसमें हनुमानगढ़ जिले में जंक्शन, टाउन, डबलीराठान, टिब्बी, तलवाड़ा झील, पीलीबंगा मंडी तथा श्रीगंगानगर में अनूपगढ़, जैतसर, विजयनगर, सूरतगढ़, गंगानगर मंडी में धान की सरकारी खरीद करने को लेकर केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। अधिकतम १७ प्रतिशत तक नमी वाले धान को सरकारी रेट पर खरीदा जा सकता है।
Published on:
30 Oct 2021 08:48 pm
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