11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में हड़ताल पर रहे निजी चिकित्सक

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification
strike

मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में हड़ताल पर रहे निजी चिकित्सक

हनुमानगढ़.

नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के देशव्यापी आह्वान पर शनिवार को जिला मुख्यालय के निजी चिकित्सकों ने एकदिवसीय कार्य बहिष्कार किया। निजी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई। निजी चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीज नहीं देखे। मगर, आपातकालीन सेवाएं बहाल रही। एनएमसी बिल के विरोध में सुबह छह से शाम छह बजे तक डॉक्टर हड़ताल पर रहे। ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सेंटर भी बंद रहे। हड़ताल पर रहकर आईएमए के बैनर तले निजी चिकित्सकों ने शनिवार सुबह तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।


आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. बीडी लालगढिय़ा के अनुसार सरकार की ओर से मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर जो नया नेशनल मेडिकल कमीशन बिल संसद में पेश किया जा रहा है उसके वर्तमान स्वरूप का विरोध किया जा रहा है। यदि उक्त बिल पास होता है तो भविष्य में इस बिल के कारण कई दुष्प्रभाव देखने को मिलेंगे। कमीशन में पांच राज्यों के ही प्रतिनिधि होने के कारण बाकी बचे समस्त राज्यों की कोई सुनवाई नहीं होगी और राज्य के मेडिकल कॉलेजों पर नियंत्रण रखने वाले राज्य मेडिकल कौंसिल का वजूद लगभग समाप्त हो जाएगा क्योंकि समस्त कार्य दिल्ली से कमीशन की ओर से संचालित होंगे।


इस तरह से राज्यों पर भी इस बिल के दुष्प्रभाव पड़ेंगे। यूनिवर्सिटी मेडिकल एज्यूकेशन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि मेडिकल एडवाइजरी कमेटी में प्रत्येक राज्य से एक-एक प्रतिनिधि सलाहकार के तौर पर शामिल होगा लेकिन इनके पास अधिकार नहीं होंगे। इसके अलावा यह बिल अप्रजातांत्रिक अप्रतिनिधित्व जैसा भी होगा क्योंकि कमीशन के 25 सदस्यों में से केवल 5 सदस्यों का चुनाव होगा। शेष 20 सदस्य गैर चिकित्सक मनोनीत होंगे।


इस तरह से सरकार की मर्जी के बगैर कुछ नहीं होगा। इस तरह से उक्त बिल जनविरोधी, मरीज विरोधी, आमजन विरोधी, भारतीय छात्रों के लिए चिकित्सा क्षेत्र में दरवाजे बंद करने वाला बिल है। इस मौके पर डॉ. पारस जैन, डॉ. जगतार सिंह खोसा, डॉ. भागीरथ कासनिया, डॉ. रवि त्रेहन, डॉ. राजीव मुंजाल, डॉ. पीसी बंसल, डॉ. बीबी धींगड़ा, डॉ. आर गुप्ता, डॉ. अमित भादू आदि मौजूद थे।

बड़ी खबरें

View All

हनुमानगढ़

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग