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रीट एल वन नॉन टीएसपी कट ऑफ लिस्ट में दिव्यांग श्रेणी के परीक्षार्थियों को चार श्रेणी में बांटने पर उठे सवाल

हनुमानगढ़. रीट एल वन नॉन टीएसपी कट ऑफ लिस्ट जारी होने के बाद दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी संकट में पड़ गए हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने दिव्यांग श्रेणी के परीक्षार्थियों को चार श्रेणी में बांटा है। इससे एलडी (लोकोमोटोर डिसएबिलिटी) अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है।

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रीट एल वन नॉन टीएसपी कट ऑफ लिस्ट में दिव्यांग श्रेणी के परीक्षार्थियों को चार श्रेणी में बांटने पर उठे सवाल

रीट एल वन नॉन टीएसपी कट ऑफ लिस्ट में दिव्यांग श्रेणी के परीक्षार्थियों को चार श्रेणी में बांटने पर उठे सवाल

दिव्यांगों को श्रेणी विभाजन ने डाला सांसत में
- रीट एल वन नॉन टीएसपी कट ऑफ लिस्ट में दिव्यांग श्रेणी के परीक्षार्थियों को चार श्रेणी में बांटने पर उठे सवाल
- अलग-अलग वरीयता सूची से एलडी प्रतिभागियों को हो रहा नुकसान
हनुमानगढ़. रीट एल वन नॉन टीएसपी कट ऑफ लिस्ट जारी होने के बाद दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी संकट में पड़ गए हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने दिव्यांग श्रेणी के परीक्षार्थियों को चार श्रेणी में बांटा है। इससे एलडी (लोकोमोटोर डिसएबिलिटी) अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की गुहार लगाई गई है।
जानकारों के अनुसार दिव्यांग श्रेणी में ज्यादातर अभ्यर्थी एलडी हैं। ऐसे में उनकी वरीयता सूची में कट ऑफ माक्र्स बहुत ज्यादा है। एलडी अभ्यर्थी दिव्यांग श्रेणी की भर्ती पहले की तरह करने की मांग कर रहे हैं जिसमें दिव्यांगों को चार श्रेणी में बांटने की बजाय एक ही श्रेणी में रखा जाता था।
यह बता रहे परेशानी
दिव्यांग (एलडी) अभ्यर्थियों के अनुसार बीकानेर निदेशालय की रीट नॉन टीएसपी भर्ती संबंधी विज्ञप्ति में दिव्यांगों की करीब 447 सीट है। मगर भर्ती के लिए दिव्यांगों को चार श्रेणी में विभाजित किया गया है। जबकि एलडी/सीपी अभ्यर्थियों की संख्या बहुत ज्यादा है जो लगभग कुल का 90 प्रतिशत तक है। मगर आरक्षण की एक प्रतिशत मतलब 111 सीट ही मिल रही है।
यह उठ रही मांग
दिव्यांगों की तीनों श्रेणी की एक वरीयता सूची बनाई जाए, जैसा कि वर्ष 2018 में किया गया था। केवल एक श्रेणी बीएल/एलवी एंड एचआई की अलग कट ऑफ निकाली जाए। जबकि शेष तीन श्रेणी एलडी/सीपी, एचआई एंड एमडी को मिलाकर एक वरीयता सूची निकाली जाए। अगर बीएल/एचआई श्रेणी की सीट रिक्त रहती है तो उनको शेष तीन श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों से भरा जाए। दिव्यांगों में अधिकांश दिव्यांग परीक्षार्थी एलडी/सीपी श्रेणी से हैं। यदि उपरोक्त व्यवस्था लागू नहीं की गई तो उनके साथ यह अन्याय होगा। अत: रीट दस्तावेज सत्यापन दिव्यांग कट ऑफ सूची दोबारा जारी की जाए। दिव्यांग अभ्यर्थियों की यह भी मांग है कि दिव्यांग आरक्षण वर्टिकल किया जाए ना कि हॉरिजोंटल। अगर कोई दिव्यांग परीक्षार्थी अपनी श्रेणी सामान्य, ओबीसी, एससी-एसटी व ईडब्ल्यूएस की कट ऑफ फाइट कर लेता है तो उसे फिर उसी की श्रेणी में रखा जाए। इससे दिव्यांगों को सशक्त करने का लक्ष्य हासिल करने में बहुत मदद मिल सकेगी।
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इधर 743 के लिए प्रक्रिया प्रारंभ
हनुमानगढ़. रीट लेवल प्रथम के हनुमानगढ़ के सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया के तहत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा चुका है। अभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया चल रही है। स्व घोषणा पत्र ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपलोड करने हैं। इसके लिए निर्धारित प्रारूप का ही इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। डीईओ प्रारंभिक रामेश्वर गोदारा ने बताया कि राजस्थान प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सीधी भर्ती 2021-22 नॉन टीएपसी क्षेत्र अध्यापक लेवल प्रथम सामान्य शिक्षा/ विशेष शिक्षा के लिए किसी प्रकार की सूचना या मार्गदर्शन की आवेदकों को आवश्यकता हो तो डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय में संपर्क किया जा सकता है। कार्य दिवसों के दौरान सुबह साढ़े नौ से शाम छह बजे तक नियंत्रण कक्ष चालू रहेगा। डीईओ प्रारंभिक कार्यालय के संदीप शर्मा ने बताया कि नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 01552-266268 एवं मोबाइल नम्बर 9414514619 तथा 9414636749 है। इन नम्बर पर आवेदक दस्तावेज सत्यापन के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकता है। गौरतलब है कि जिले में कुल 743 शिक्षकों की नियुक्ति इस प्रक्रिया के तहत की जानी है। इसमें 705 सामान्य शिक्षा के शिक्षक तथा 38 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षक हैं।