
राजस्थान को नहीं मिल रहा हिस्से का पूरा पानी
राजस्थान को नहीं मिल रहा हिस्से का पूरा पानी
-हरिके बैराज से पूरा पानी छोडऩे का दावा, लेकिन राजस्थान सीमा में पहुंच रहा कम पानी
हनुमानगढ़. प्रदेश की इंदिरागांधी नहर को हिस्से के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। निर्धारित शेयर की तुलना में करीब छह सौ क्यूसेक पानी कम मिलने से इंदिरागांधी नहर द्वितीय चरण की नहरें प्रभावित हो रही है। पानी की कमी के बाद जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता ने पंजाब के अधिकारियों से समन्वय कर वस्तुस्थिति से अवगत करवा दिया है। इसमें हरिकै बैराज से निर्धारित शेयर के अनुसार पानी पहुंचने की बात पंजाब के अधिकारी कह रहे हैं। जबकि राजस्थान सीमा में मसीतांवाली हैड पर पानी की मात्रा नापने पर निर्धारित शेयर के अनुसार पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा ने हरिके बैराज क्षेत्र का निरीक्षण कर गेज रजिस्ट्रर आदि की जांच की। इसके बाद रेग्यूलेशन विंग के अधिकारियों को भी पानी की निगरानी को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान का हरिके बैराज से अभी ९२४५ क्यूसेक शेयर बनता है। इसकी तुलना में २३ दिसम्बर को ८६०० क्यूसेक के करीब पानी राजस्थान को मिल रहा था। वहीं २४ दिसम्बर को तय शेयर की तुलना में १५० क्यूसेक कम पानी मिल रहा था। वर्तमान में सरहिंद फीडर में चल रहे साइड लाइनिंग कार्य के चलते छीजत बढऩे की आशंका है। अब साइड लाइनिंग कार्य पूरा हो गया है। जल्द तय शेयर के अनुसार पानी मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि अभी इंदिरागांधी नहर को तीन में एक समूह में चलाया जा रहा है। बारह जनवरी तक यही रेग्यूलेशन प्रभावी रहेगा। वर्तमान में रबी फसलों में सिंचाई पानी की मांग बढ़ रही है। ऐसे हालात में निर्धारित शेयर में भी कटौती होने से नहरों के रेग्यूलेशन पर वितरीत असर पड़ रहा है।
तीस को निर्धारित होगा अगले माह का शेयर
पूर्व में सितम्बर २०२१ में हुई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में इंदिरागांधी नहर का जो रेग्यूलेशन तैयार किया गया था, उसमें २२ प्रतिशत का रिस्क लिया गया था। इसकी तुलना में नवम्बर में १७ प्रतिशत पानी की आवक हो पाई। दिसम्बर में हालांकि इस रिस्क को पूरा कर लिया गया है। अब सबकी नजर अगले सप्ताह संभावित मावठ पर टिकी हुई है। जनवरी माह का शेयर निर्धारित करने को लेकर तीस दिसम्बर को भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की बैठक रखी गई हे। इसमें अगले माह के शेयर का निर्धारण किया जाएगा।
इतने जिलों को पानी
इंदिरागांधी नहर से प्रदेश के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित दस जिलों को जलापूर्ति हो रही है। प्रथम चरण की नहर बीकानेर के पास तक लगती है। इसके बाद नहर का द्वितीय चरण शुरू हो जाता है।
Published on:
24 Dec 2021 09:12 pm
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