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राज्य सरकार देगी इतने रुपए बोनस, इस साल 2400 रुपए प्रति क्विंटल रहेगा गेहूं का MSP

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तैयारी को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला कलेक्टर कानाराम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर ने कहा कि 20 जनवरी से पोर्टल चालू हो गया है। सभी किसान एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए समय पर पंजीयन करवाए, इस वर्ष बिना गिरदावरी के भी एक बार किसान पंजीयन करवा सकते है।

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समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तैयारी को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला कलेक्टर कानाराम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर ने कहा कि 20 जनवरी से पोर्टल चालू हो गया है। सभी किसान एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए समय पर पंजीयन करवाए, इस वर्ष बिना गिरदावरी के भी एक बार किसान पंजीयन करवा सकते है। गेहूं का एमएसपी पिछले वर्ष से 150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है, गेहूं का समर्थन मूल्य 2024-25 विपणन सत्र के लिए 2275 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। जिस पर राज्य सरकार 125 रुपए प्रति क्विंटल बोनस के तौर पर दे रही है। किसानों से 2400 रुपए प्रति क्विंटल के अनुसार गेंहू की खरीद होगी।

जिला कलक्टर ने कहा कि सभी संबंधित स्टैक होल्डर अंतिम समय पर समाधान खोजने की बजाय समय पर कदम उठाए और व्यवस्थाएं करें, जिससे किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल पाए। मार्च के अंतिम सप्ताह तक जरूरत के अनुसार वारदाना उपलब्ध हो इसके लिए एफसीआई को निर्देश दिए। मंडी समितियां के सचिवों को छाया, पानी, किसानों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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डीएसओ विनोद कुमार ने बताया कि रबी 2023-24 में जिले में अनुमानित 2,17,890 हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। जिसकी पैदावार प्रति हेक्टेयर 48 क्विंटल के अनुसार 12.9 मिट्रिक टन होने की संभावना है। जो पिछले वित्तीय वर्ष में 11 लाख 5 हजार 32 मिट्रिक टन पैदावार से अधिक है। एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक अभिजीत चौधरी ने बताया कि एमएसपी पर गेंहू बेचने के लिए अभी तक जिले में 800 से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। पिछले वर्ष 13,668 किसानों ने एमएसपी पर गेहूं का विक्रय किया था। इस वर्ष अनुमानित 6.50 लाख मैट्रिक टन गेहूं का विक्रय एमएसपी पर होने की उम्मीद है।

जिला कलक्टर ने कहा कि विपणन, वारदाना, हैंडलिंग इत्यादि की व्यवस्थाएं रखे, व्यापारियों से अपेक्षा है कि वह मंडी में साफ सफाई इत्यादि का ध्यान रखेंगे। मजदूर यूनियन से अपेक्षा है कि अत्यधिक मात्रा में गेहूं की आवक होने पर 25 फीसदी से अधिक को रोड़ से सीधे ही ट्रांसपोर्ट करने में सहयोग करेंगे। कलक्टर ने कहा कि किसानों के द्वारा अधिक से अधिक समय पर पंजीयन करवाना अति आवश्यक है, इसके लिए एसडीओ, तहसीलदार, ईमित्र संचालकों के माध्यम से अधिक प्रचार प्रसार किया जाए।
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बॉर्डर पर बनेंगे चैक पॉइंट
जिला कलक्टर ने पुलिस अधिकारियों को बॉर्डर पर दूसरे राज्यों से गेहूं की आवक पर रोक लगाने के लिए चेक पॉइंट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। पटवारी सही गिरदावरी करें इसकी पूर्णता निगरानी हो, इस संबंध में एडीएम को निर्देश दिए। व्यापारियों ने बताया कि काफी समय से उन्हें आढ़त का पैसा नहीं मिला है। जिसके लिए जिला कलक्टर ने क्षेत्रीय प्रबंध को फॉलो अप करने तथा मंत्रालय से स्पष्टीकरण को अतिशीघ्र मांगने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सुनीता चौधरी, आईएएस प्रोबेशनर प्रीतम जाखड़ भी मौजूद रहे।