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हनुमानगढ़

पंजीयन सीमा बढ़ाई, किसानों के लिए खुले द्वार

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. राज्य सरकार ने दलहन-तिलहन खरीद के लिए कृषक पंजीयन की सीमा को दस प्रतिशत बढ़ा दिया है। इससे प्रदेश के 21 जिलों में चने के लिए 23966 किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलने के आसार हैं। इसी तरह नौ जिलों में सरसों के लिए 54732 किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। बढ़ी हुई पंजीयन सीमा का लाभ किसान 24 अप्रैल से उठा सकेंगे।  

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पंजीयन सीमा बढ़ाई, किसानों के लिए खुले द्वार
-सरसों व चने की सरकारी खरीद का मामला

हनुमानगढ़. राज्य सरकार ने दलहन-तिलहन खरीद के लिए कृषक पंजीयन की सीमा को दस प्रतिशत बढ़ा दिया है। इससे प्रदेश के 21 जिलों में चने के लिए 23966 किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलने के आसार हैं। इसी तरह नौ जिलों में सरसों के लिए 54732 किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। बढ़ी हुई पंजीयन सीमा का लाभ किसान 24 अप्रैल से उठा सकेंगे।
इस बार प्रदेश में 15.19 लाख एमटी सरसों व 6.65 लाख एमटी सरसों खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने इस बार सरसों का 5450 व चने का 5335 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी निर्धारित किया है। पंजीयन सीमा बढ़ाने से अब पहले से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों व चना बेच सकेंगे। वहीं जंक्शन की धानमंडी में सरसों की सरकारी खरीद बाधित होने से किसान परेशान हो रहे हैं। भराई-तुलाई के रेट को लेकर राजफैड का मजदूरों के साथ तालमेल नहीं होने के कारण सरसों की सरकारी खरीद का कार्य प्रभावित हो चुका है। इस समस्या का निराकरण कर किसान से उसकी सरसों की खरीद शुरू करने की मांग के संबंध में किसान प्रतिनिधियों का प्रतिनिधि मंडल कृषि उपज मंडी समिति सचिव सीएल वर्मा से मिला। सभी ने मजदूर नेताओं व सोसायटी के साथ बैठक कर रेट को लेकर तालमेल बैठाने व सरसों की सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की।

अलग मंडी अलग रेट
तुलाई व भराई रेट को लेकर अलग-अलग मंडियों में अलग-अलग रेट हैं। इसे लेकर कोई निश्चित नियम नहीं है। इसलिए तुलाई व भराई रेट को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति रहती है। किसान प्रतिनिधि रामेश्वर वर्मा ने जब मंडी समिति सचिव से इसे लेकर सवाल किया तो सचिव ने कहा कि यह मंडियों पर निर्भर करता है। इसे लेकर कोई निश्चित रेट निर्धारित नहीं हैं।

जिला मुख्यालय पर यह स्थिति
हनुमानगढ़ जंक्शन में मंडी में अभी तक 1700 क्विंटल सरसों की खरीद हुई है। जबकि टाउन मंडी में 2900 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की गई है। सरकारी खरीद का कार्य चल रहा है। खरीद के बाद हालांकि अभी तक किसी किसान को एक रुपए का भुगतान भी नहीं किया गया है। अगले सप्ताह तक भुगतान करने की बात राजफैड के अधिकारी कह रहे हैं।