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Rajasthan: श्वानों की लड़ाई में 7 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, 4 को फील्ड पोस्टिंग से हटाया; जानें पूरा मामला

डॉग फाइट मामले में थाना प्रभारी सहित करीब सात पुलिसकर्मी लाइन हाजिर हो चुके हैं और अब कई को चार्जशीट थमाकर फील्ड पोस्टिंग से हटाया गया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो- पत्रिका)

हनुमानगढ़ में श्वानों की लड़ाई पुलिसकर्मियों का पिंड नहीं छोड़ रही है। प्रतिबंधित नस्ल के श्वानों को लड़ाकर उन पर जुआ खेलने के प्रकरण में पुलिस ने भले ही 81 लोगों को गिरफ्तार किया हो, पर इसके बाद प्रकरण की जांच में गोलमोल के चलते अब रेकॉर्ड संख्या में पुलिसकर्मियों पर ही गाज गिर रही है। मामले में थाना प्रभारी सहित करीब सात पुलिसकर्मी लाइन हाजिर हो चुके हैं और अब कई को चार्जशीट थमाकर फील्ड पोस्टिंग से हटाया गया है।

वहीं, पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस टीम भी इस प्रकरण की जांच कर रही है। जांच में गड़बड़ी को लेकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभ में शिकायत भी पुलिस मुख्यालय में ही की गई थी। उसके बाद ही पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ।

81 जुआरी पकड़े 15 गाड़ियां जब्त

मुखबिर की सूचना पर 19 दिसम्बर की रात गांव गाहडू रोही स्थित फार्म हाउस पर छापा मारा गया। वहां कुत्तों की लड़ाई पर दांव खेलने पंजाब, हरियाणा, श्रीगंगानगर आदि जगहों से कई लोग आए हुए थे। पुलिस ने मौके से 81 लोगों को गिरफ्तार कर 15 गाड़ियां जब्त की थी। लड़ाई के लिए लाए गए प्रतिबंधित नस्ल पाकिस्तानी बुली व अमेरिकन बुली सहित कुल 19 श्वानों को बरामद किया। उनमें से कुछ श्वान लड़ाई के कारण जख्मी हो गए थे। बाद में इस प्रकरण में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

आखिर क्या है गड़बड़ झाला?

यह पूरा मामला ही हाई प्रोफाइल था। डॉग फाइट कराने व दांव लगाने वालों में कई जनों के सियासी रसूख थे। पुलिस ने ‘गिरफ्तारी’ में पूरा समय लिया। कई सफेदपोश थाने पहुंचे। बाद में कुछ आरोपियों व अन्य ने पुलिस मुख्यालय पहुंच शिकायत दी कि पुलिस ने जांच व गिरफ्तारी में निष्पक्षता की बजाय सिफारिश को तवज्जो दी। इसमें पैसों के लेन-देन की भी खासी चर्चा रही।

चार पुलिसकर्मियों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर लाइन भेजा गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित है। - जनेश तंवर, एएसपी मुख्यालय

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