चुनाव का मौसम आते ही बन रहे श्रवण कुमार, माता-पिता की सेवा आ रही याद
-जिला निर्वाचन शाखा कार्यालय में चुनाव ड्यूटी कटवाने को आ रहे कई आवेदन
-जिले में चुनाव के दृष्टिगत 5000 कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी, प्रशिक्षण में रही शत-प्रतिशत उपस्थिति
हनुमानगढ़. चुनाव का मौसम आते ही कार्मिकों को श्रवण कुमार का चरित्र याद आ जाता है। माता-पिता की सेवा करने का जिक्र करके कुछ कार्मिक ड्यूटी कटवाने को लेकर आवेदन कर रहे हैं। जिले में अबकी बार पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव करवाने को लेकर पांच हजार कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें करीब साढ़े पांच सौ कार्मिकों ने ड्यूटी कटवाने को लेकर निर्वाचन शाखा में आवेदन किया है।
इसमें कुछ ने परिवार में शादियां होने, कुछ ने खुद की बीमारी तो कुछ कार्मिकों ने बूढ़े माता-पिता के अकेले रहने तथा उनकी सेवा करने का जिक्र करके ड्यूटी कटवाने का आग्रह किया है। जिला निर्वाचन शाखा के प्रभारी हंसराज वर्मा के अनुसार चुनाव को लेकर 1286 बूथ स्थापित किए गए हैं। इसमें बीस प्रतिशत अतिरिक्त बूथ मानते हुए पोलिंग पार्टियां गठित की गई है।
करीब 5000 कर्मचारियों की चुनाव कार्य में ड्यूटी लगाई गई है। जब से ड्यूटी लगाने को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं, तब से प्रतिदिन चालीस से पचास कार्मिकों के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। जो चुनाव कार्य से ड्यूटी कटवाने की फिराक में हैं। उच्चाधिकारियों की ओर से प्राप्त आवेदन पत्रों का अवलोकन करके सभी पक्षों को जानने के बाद ही अपवाद स्वरूप ही निर्णय दिया जा रहा है। इसे लेकर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करने की व्यवस्था की गई है। टाउन के राजकीय एनएम पीजी कॉलेज में कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें 405 पीठासीन अधिकारी व 405 प्रथम मतदान अधिकारियों को प्रथम प्रशिक्षण दिया गया है। गुरुवार को शत-प्रतिशत कर्मचारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी हनुमानगढ़ कपिल यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर नोहर चंचल वर्मा, मास्टर ट्रेनर एमपी सिंह, रमेश धानक, मतदान दल गठन टीम में सहायक प्रभारी सहदेव तिवाड़ी सहित अन्य मौजूद रहे।
इससे पहले प्रशिक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी रुकमणि रियार ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा है कि अगर आप पहली बार निर्वाचन कार्य में ड्यूटी कर रहे हैं तो ड्यूटी कर चुके सीनियर से जरूर राय लें। तथा जो भी आपके मन में सवाल हो वह प्रशिक्षण में जरूर पूछें। आपके ट्रेनिंग सेशन को जितना सहज हो सकता है, उतना बनाने की कोशिश की है। पोलिंग बूथ पर टीम को साथ लेकर कार्य करें। पोलिंग बूथ के लिए नियुक्त किए गए माइक्रो आब्जर्वर से भी समन्वय स्थापित करें। जिले में 1286 पोलिंग बूथ में से पचास फीसदी अर्थात 643 पोलिंग बूथ को वेब कास्टिंग के जरिए ऑनलाइन किया गया है। जिस भी पार्टी का पोलिंग बूथ ऑनलाइन हो, वह टेक्निकल टीम से जरूर संपर्क करके रखें। ताकि किसी भी समय जरूरत पडऩे पर उनकी सहायता ली जा सके।
खर्च पर रहेगी निगरानी
जिले में विधानसभा चुनाव 2023 में खर्च की सीमा 40 लाख निर्धारित की गई है। चुनावी खर्चे की जानकारी प्रत्याशी को देनी होगी। इसकी जांच को जिला स्तर पर कमेटी गठित की गई है। अबकी बार चुनाव प्रचार आदि को लेकर अनुमति ऑनलाइन ही जारी की जाएगी। इसके लिए सुविधा एप लान्च किया गया है।
1739 वीवीपैट आवंटित
अबकी बार जिले में विधानसभा चुनाव करवाने को लेकर अभी 1610 बैलेट यूनिट, 1610 कंट्रोल यूनिट उपलब्ध करवाया गया है। जबकि वीवीपैट मशीन 1739 आवंटित की गई है। मतदान के लिए जिले में कुल 1286 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। जिला निर्वाचन शाखा के अनुसार दस पोलिंग बूथ के और बढऩे की संभावना है।