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पहले किया कोर्ट में आत्म समर्पण, जेल भेजने का आदेश तो हो गया फरार

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक जने ने पहले न्यायालय में समर्पण किया। न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। मगर जेल जाने से पहले ही फरार हो गया।

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पहले किया कोर्ट में आत्म समर्पण, जेल भेजने का आदेश तो हो गया फरार

पहले किया कोर्ट में आत्म समर्पण, जेल भेजने का आदेश तो हो गया फरार

पहले किया कोर्ट में आत्म समर्पण, जेल भेजने का आदेश तो हो गया फरार
- जंक्शन थाने में मामला दर्ज
- धोखाधड़ी के मामले में आरोपी फरार
- आरोपी मुम्बई का रहने वाला
हनुमानगढ़. धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक जने ने पहले न्यायालय में समर्पण किया। न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। मगर जेल जाने से पहले ही फरार हो गया। यह घटना 21 सितम्बर की बताई गई है। इस संबंध में गुरुवार को जंक्शन थाने में मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस के अनुसार केके ओवरसीज रिक्रूटमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मुम्बई के मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश वैष्णव पुत्र रामदास निवासी अकरोली रोड कांदवली पूर्वी मुम्बई ने अपने खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में 21 सितम्बर को हनुमानगढ़ एसीजेएम कोर्ट में आत्म समर्पण किया। न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। मुकेश वैष्णव ने उसी समय अपनी जमानत के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र सौंपा। लेकिन जमानत के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करने से पहले ही वह न्यायालय से भाग गया। इस संबंध में गुरुवार को एसीजेएम कोर्ट के लिपिक खुर्शीद अहमद पुत्र मंजूर हुसैन की रिपोर्ट पर पुलिस ने फरार हुए मुकेश वैष्णव के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

नाबालिग से मजदूरी, मांगा जवाब
हनुमानगढ़. नाबालिग बालिका से अस्पताल में साफ-सफाई कराने को लेकर बाल कल्याण समिति ने जंक्शन स्थित अस्पताल संचालक से जवाब मांगा है। यद्यपि इस संबंध में गुरुवार रात तक मामला दर्ज नहीं कराया गया था। जानकारी के अनुसार सूचना के आधार पर बाल कल्याण समिति की टीम ने गुरुवार को जंक्शन स्थित गुप्ता अस्पताल का निरीक्षण किया तो साफ-सफाई करती नाबालिग बालिका मिली। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि बालिका अपनी माता के साथ आई है। वह यहां कार्य नहीं करती। मगर समिति टीम ने यह दलील नहीं मानी। बालिका से जानकारी लेने के बाद अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू की।
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