कलक्टर ने घग्घर क्षेत्र में रहने वाले लोगों से कहा, खतरा टला नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
हनुमानगढ़. घग्घर नदी के राजस्थान भाग में पानी का बहाव लगातार तेज हो रहा है। इससे बाढ़ का खतरा अब भी बना हुआ है। इससे हर वर्ग में बेचैनी है। सोलह जुलाई यानी रविवार को गुल्लाचिक्का हैड पर पानी की मात्रा में कुछ कमी आई। लेकिन ओटू से राजस्थान के लिए पानी की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है। सोलह जुलाई को गुल्लाचिक्का हैड पर 52060, खनौरी 15375, ओटू हैड से 26300 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। इससे नाली बेड में अब 4800, जीडीसी में 12200 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है। इस बीच रविवार को भी पानी बढऩे का क्रम जारी रहने पर एहतियात बरते जा रहे हैं। अफसर रात-दिन मशीनें लगाकर हैडों की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा, एक्सईएन सुरेश सुथार, रामाकिशन सहित अन्य अधिकारियों की टीम रविवार को भी हैडों के आसपास मौजूद रही। घग्घर नदी में पानी का दबाव करने के लिए शनिवार सुबह इंदिरागांधी नहर के आरडी 629 तथा जीडीसी के जीरो आरडी के बीच में बने हेड के सभी गेट खोल दिए गए। इसके बाद यहां से नहर में पानी डाला जा रहा है। इससे घग्घर नदी में पानी का दबाव कुछ कम होने की संभावना है। जिला कलक्टर रुकमणि रियार ने रविवार को प्रेसवार्ता कर मीडिया को घग्घर नदी के हालात को लेकर जानकारी दी। कलक्टर ने बताया कि अगले 72 घंटे बहुत क्रिटिकल हैं। सबको सतर्क रहने की जरूरत है। घग्घर क्षेत्र में बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर किए गए सवाल के जवाब में कलक्टर ने कहा कि पीछे की गलतियों को सुधारने का अभी वक्त नहीं है। अभी किसी भी तरह जिले को संभावित बाढ़ के खतरे से बचाने की योजना पर हम काम कर रहे हैं।
अभियंता को किया निलंबित
राहत कार्य में लापरवाही पर एक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के एक अभियंता ने पानी को लेकर भ्रम फैला दिया। कार्य में लापरवाही बरतने तथा नकारात्मक प्रचार के चलते मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने उक्त कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया। निलंबित कनिष्ठ अभियंता कृष्ण कस्वा के खिलाफ कारवाई की गई है। मुख्य अभियंता ने नहर व घग्घर नदी के हेडों की निगरानी को तैनात किए गए अभियंताओं को सतर्क होकर कार्य करने की नसीहत दी है। ताकि संभावित बाढ़ के खतरे को टाला जा सके।
55 राहत केंद्र बनाए
जिले में कुल 55 राहत केंद्रों को चिन्ह्ति किया गया है। जिसमें अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिए 33 राहत केंद्रों में व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। वहां लोगों को शिफ्ट भी किया जा रहा है। परिवहन विभाग की ओर से लोगों को शिफ्ट करने के लिए बसें भी अनुबंधित की गई है। इंदिरागांधी नहर के आरडी 629 तथा जीडीसी के जीरो आरडी के बीच में बने हेड के आसपास दो दिनों से बेवजह लोगों की भीड़ नजर आ रही थी। इससे हेड के गेटों की सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा था। भारी मशीनें चलने से हादसे का डर भी मंडरा रहा था। पुलिस व प्रशासन ने सख्ती करते हुए टिब्बी में जीरो आरडी पर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। जिसके चलते रविवार को जीरो आरडी पर अधिकारी कर्मचारी व सफाईकर्मियों के अलावा अन्य कोई नजर नहीं आया। पुलिस का जाब्ता भी हेड के आसपास बढ़ा दिया गया।