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पहले सरकारी कन्या कॉलेज की जगी आस, टीम ने किया निरीक्षण, सात दिन में सरकार को रिपोर्ट

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hanumangarh mein girls collage ki jagi aas

पहले सरकारी कन्या कॉलेज की जगी आस, टीम ने किया निरीक्षण, सात दिन में सरकार को रिपोर्ट

पहले सरकारी कन्या कॉलेज की जगी आस, टीम ने किया निरीक्षण, सात दिन में सरकार को रिपोर्ट
- कॉलेज शिक्षा निदेशालय की टीम ने किया निरीक्षण
- कॉलेज की भूमि, स्टाफ एवं अन्य संसाधनोंं की ली जानकारी
हनुमानगढ़. संगरिया के मीरा कन्या महाविद्यालय के जल्दी सरकारीकरण की उम्मीद बलवती हो रही है। जिले में कन्या कॉलेज को लेकर निरंतर उठ रही मांग के दृष्टिगत राज्य सरकार बेटियों को सरकारी कन्या कॉलेज की सौगात देने की संभावनाएं तलाश रही है। इसका खाता संगरिया के मीरा कन्या कॉलेज से खुलता नजर आ रहा है। यह उम्मीद इसलिए मजबूत हो रही है, क्योंकि राज्य सरकार की ओर से गठित कॉलेज शिक्षा निदेशालय, जयपुर के तीन सदस्यीय दल ने बुधवार शाम मीरा महाविद्यालय का निरीक्षण किया। कॉलेज शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. दीपक मेहरा के नेतृत्व में आए तीन सदस्यीय दल ने मीरा कॉलेज की भूमि, स्टाफ एवं संसाधनोंं की जांच की। महाविद्यालय स्टाफ से जानकारी ली।
यह दल सात दिन के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। यह रिपोर्ट मिलने और कॉलेज का पक्ष सुनने के बाद राज्य सरकार की ओर से इस मसले पर गुणावगुण के आधार पर निर्णय किया जाएगा। मीरा कॉलेज को डिनोटिफाई करने के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर करने वाले एडवोकेट संजय आर्य ने बताया कि मीरा गल्र्स कॉलेज में सरकारीकरण के तहत बजट आवंटन तथा स्टाफ की नियुक्ति की जनता की मांग के दृष्टिगत राज्य सरकार स्तर पर प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसी के तहत सरकार की ओर से गठित दल ने कॉॅलेज का अवलोकन कर समस्त जांच की है। इस दल के पहुंचने से कॉलेज में सरकारी स्टाफ की नियुक्ति तथा बजट आवंटन की उम्मीद बंध गई है।
लगातार उठ रही मांग
वर्ष 2013 में कांग्रेस सरकार ने मीरा कन्या कॉलेज का अधिग्रहण कर सरकारीकरण कर दिया। सारी सम्पत्ति भी राजकीय महाविद्यालय के नाम ट्रांसफर करवा राजकीय प्राचार्य नियुक्त कर दिया। लैब तकनीशियन का स्थानांतरण भी कॉलेज में कर दिया। मगर 13 माह बाद भाजपा सरकार ने इसे डिनोटिफाई करते हुए पुन: निजी घोषित कर दिया। इस फैसले के खिलाफ कॉलेज स्टाफ, प्रबंध समिति व छात्राओं ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन व अनशन किया। परिणामत: सरकार ने शैक्षिक सत्र 2013-14 के आय-व्यय के पुनर्भरण का आश्वासन दिया। उधर, मीरा शिक्षा समिति सचिव संजय आर्य ने उच्च न्यायालय में सरकारीकरण के आदेश को डिनोटिफाई करने के खिलाफ अपील की। एकल पीठ में महाविद्यालय के सरकारीकरण के पक्ष में फैसला हुआ। इसके खिलाफ सरकार ने खण्डपीठ में अपील कर दी। खण्डपीठ में भी एकल पीठ का फैसला बहाल रहा। गौरतलब है कि प्रदेश के 33 जिलों में से 31 में 47 सरकारी कन्या महाविद्यालय हैं। केवल हनुमानगढ़ व प्रतापगढ़ में कन्या कॉलेज नहीं है।