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बेटा चल पड़ा अपराध की राह पर, सजा सुनकर जेल जाते बेटे के सिर पर रूआंसी मां ने फेरा हाथ

हनुमानगढ़. साढ़े तीन हजार नशीले गोली-कैप्सूल के मामले में जब दस साल की सजा सुनकर दोषी युवक को कोर्ट से बाहर लाया गया तो रूआंसी मां ने उसके सिर पर हाथ फेरा।

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बेटा चल पड़ा अपराध की राह पर, सजा सुनकर जेल जाते बेटे के सिर पर रूआंसी मां ने फेरा हाथ
– साढ़े तीन हजार नशीले गोली-कैप्सूल ले जाते पकड़े गए युवक को अब जेल में गुजारने होंगे दस साल
– नशीली दवा की तस्करी के दोषी को भुगतना होगा दस साल कारावास
– एक लाख रुपए का लगाया जुर्माना भी
– फरवरी 2019 के प्रकरण में विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस ने सुनाया फैसला
हनुमानगढ़. साढ़े तीन हजार नशीले गोली-कैप्सूल के मामले में जब दस साल की सजा सुनकर दोषी युवक को कोर्ट से बाहर लाया गया तो रूआंसी मां ने उसके सिर पर हाथ फेरा। अपराध की राह पर चलने से पहले बेटा अगर अपने मां-बाप और अन्य परिजनों के इस लाड़-प्यार की परवाह करते हुए यह सोचता कि उसके जेल जाने से उनको कितना दुख होगा तो शायद वह कभी जुर्म नहीं करता। लेकिन उसकी अपनों के प्रति लापरवाही ने पीछे परिवार को दुख झेलने को विवश कर दिया। नशीली दवा की तस्करी के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस प्रकरण रूपचंद सुथार ने शुक्रवार को एक जने को दोषी करार दिया। उसको दस साल कठोर कारावास एवं एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार 13 फरवरी 2019 को टाउन थाने के तत्कालीन प्रभारी ने गश्त के दौरान मैनावाली सेमनाला पुलिया पर बैठे एक व्यक्ति से पूछताछ की। उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उसकी पहचान मदनलाल पुत्र पोलाराम निवासी वार्ड तीन, नौरंगदेसर के रूप में हुई। पुलिस ने तलाशी ली तो उसके कब्जे से थैले में ट्राओसर टेबलेट के 70 पत्ते एवं पारवोरिनस्पास कैप्सूल के 80 पत्ते मिले। इस तरह कुल 1500 टेबलेट व कैप्सूल बरामद किए गए। आरोपी के पास दवा के भंडारण एवं विक्रय संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस ने दवा जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस जांच के दौरान आरोपी मदनलाल ने उपरोक्त दवा सद्दाम पुत्र नियाज निवासी लखुवाली से खरीदना बताया। पुलिस ने अनुसंधान कर दोनों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल नौ गवाह परीक्षित करवाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी मदनलाल को अवैध रूप से नशीली दवा रखने एवं परिवहन करने का दोषी करार दिया। जबकि आरोपी सद्दाम को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने दोषी मदनलाल को धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट में 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
जाएगा कड़ा संदेश
सजा के बिंदू पर सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने समाज में बढ़ते हुए अपराध के दृष्टिगत दोषी युवक को अधिकतम दंड से दंडित करने का निवेदन न्यायालय से किया। विशिष्ट लोक अभियोजक दाधीच ने बताया कि जिले में बढ़ता नशा गंभीर समस्या है। ऐसे में इस तरह के फैसलों से अपराधियों में कड़ा संदेश जाएगा।