
प्रदेश के सबसे बड़े टिब्बी केजीबीवी में सीटें बढऩे की जगी उम्मीद, साधन-संसाधन भी बढ़ सकेेंगे
प्रदेश के सबसे बड़े टिब्बी केजीबीवी में सीटें बढऩे की जगी उम्मीद, साधन-संसाधन भी बढ़ सकेेंगे
- 330 सीट वाले टिब्बी के केजीबीवी में 250 छात्राएं प्रतीक्षा सूची में
- बालिका शिक्षा को और ज्यादा मिल सकेगा प्रोत्साहन
हनुमानगढ़. प्रदेश के सबसे बड़े टिब्बी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में और सीटें बढऩे की उम्मीद जगी है। टिब्बी केजीबीवी के सफल संचालन के चलते अभिभावकों की इसमें बालिकाओं को पढ़ाने की रूचि निरंतर बढ़ रही है। इसके चलते प्रतीक्षा सूची लम्बी होती जा रही है। इसीलिए अब शिक्षा विभाग यहां सीटों में बढ़ोतरी का तोहफा देकर बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को और ज्यादा गति देना चाहता है।
जानकारी के अनुसार गत सप्ताह शिक्षा विभाग की वर्चुअल बैठक थी। इसमें जब मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को हनुमानगढ़ के अधिकारियों ने टिब्बी केजीबीवी के सफल संचालन, इसके प्रति बालिकाओं की बढ़ती रूचि, सीटें कम पडऩे के कारण लम्बी होती प्रतीक्षा सूची आदि के बारे में जानकारी दी। इस पर स्कूल शिक्षा के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन ने राज्य परियोजना निदेशक से कहा कि टिब्बी केजीबीवी जैसे संस्थानों को और ज्यादा प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। इनको विशेष कोटा दिलाकर सीटें बढ़ाई जाए। सीटें बढऩे पर भवन आदि साधन-संसाधनों के लिए केन्द्र से बजट दिलाया जाए। स्कूल शिक्षा सचिव ने हनुमानगढ़ के शिक्षा अधिकारियों को टिब्बी केजीबीवी में सीटों की बढ़ोतरी को लेकर आश्वस्त किया। ऐसे में उम्मीद है कि अगले वर्ष संभवत: टिब्बी केजीबीवी में सीटों की बढ़ोतरी हो सकती है।
कितने की उम्मीद
केजीबीवी टिब्बी में तीन सौ सीट मंजूर है। इसके अलावा कुल सीटों की तुलना में दस प्रतिशत और प्रवेश दिए जा सकते हैं। इस तरह यहां 330 बालिकाओं को प्रवेश दिया गया है। इसके बाद भी विद्यालय में प्रवेश के लिए कतार की स्थिति रहती है। फिलवक्त 250 बालिकाएं प्रतीक्षा सूची में हैं। विज्ञान मेले, कला उत्सव, खेल तथा पढ़ाई संबंधी पुरस्कार पाने में भी यहां की बालिकाएं आगे रहती हैं। शिक्षा अधिकारियों की माने तो कम से कम 100 सीटें बढऩे की उम्मीद की जा सकती है।
सुविधा व गुणवत्ता तो चाह
केजीबीवी में बालिकाओं को आवास, कपड़े, जूते, भोजन आदि की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। प्रतिमाह 150 रुपए बालिकाओं को खर्च के लिए भी मिलते हैं। पढ़ाई के साथ सिलाई, ब्यूटीशियन व हेल्थ आदि से संबंधित प्रशिक्षण भी नियमित तौर पर दिया जाता है। केजीबीवी टिब्बी में प्रवेश के लिए बीकानेर, श्रीगंगानगर तथा पंजाब-हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों की बालिकाएं भी आवेदन कर रही हैं।
अभी तीन, हो जाएंगे चार
समसा एपीसी व बालिका शिक्षा प्रभारी पुरूषोत्तम शर्मा बताते हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा बेहतर सुविधाएं मिलने के कारण टिब्बी केजीबीवी में पढऩे की चाह बालिकाओं में निरंतर बढ़ रही है। टिब्बी केजीबीवी का सफल संचालन प्रदेश में एक मिसाल बन चुका है। टिब्बी के अलावा पिछले माह पीलीबंगा के दुलमानी में केजीबीवी शुरू हो गया है। भादरा के करणपुरा में भी केजीबीवी शुरू हो चुका है। नोहर केजीबीवी का संचालन अगले साल से हो सकेगा। इस तरह अभी जिले में तीन केजीबीवी संचालित हो रहे हैं। अगले साल यह संख्या चार हो जाएगी।
Published on:
30 Oct 2023 10:46 pm
बड़ी खबरें
View Allहनुमानगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
