
पानी वाली फाइलों पर चोर नजर, परेशानी भुगते किसान
पानी वाली फाइलों पर चोर नजर, परेशानी भुगते किसान
- जल संसाधन विभाग कार्यालय से फिर फाइल चोरी की वारदात
- जीआरपी ने चोरीशुदा फाइल आदि के साथ पकड़ा था कबाड़ी को, मामला दर्ज कराने में लगा एक सप्ताह
हनुमानगढ़. पानी वाले महकमे माने जल संसाधन विभाग कार्यालय की फाइलों पर चोरों की नजर है। ना जाने विभागीय फाइलों में ऐसा क्या है कि जिसके चलते चोरों की खास रुचि है। क्योंकि फाइल चोरी की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। अब ताजा घटना को लेकर जंक्शन थाने में फाइल चोरी का एक और प्रकरण दर्ज कराया गया है। हालांकि कार्यालय से फाइलें तो 24 जनवरी को ही चोरी हो गई थी। मगर विभागीय अधिकारियों ने विशेष 'चिंतन-मननÓ कर वारदात के करीब एक सप्ताह बाद मामला दर्ज कराया है।
सरकारी रिकॉर्ड की जो फाइलें हैं, वह महत्वपूर्ण होती हैं अन्यथा तो समय-समय पर महत्वहीन दस्तावेजों का निस्तारण होता रहता है। जाहिर है कि जल संसाधन विभाग कार्यालय से जो फाइलें वगैरह चुराई गई, वह महत्वपूर्ण थी। इनके चोरी होने से किसानों आदि को परेशानी का सामना करना पड़ता। यह भी जांच का विषय है कि कहीं किसी को परेशानी में डालने के लिए ही तो वारदात को अंजाम नहीं दिया गया। क्योंकि कागज मूल्य के हिसाब से तो फाइलें कबाड़ में कुछ सौ रुपए में ही बिकती।
कौन से दस्तावेज चोरी
सर्वे एवं अन्वेषण लिफ्ट उपखण्ड चतुर्थ इंगानप में एईएन अनूप सिंह ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि उनके पास एईएन उपखण्ड तृतीय दसवां खण्ड इंगानप हनुमानगढ़ का अतिरिक्त प्रभार भी है। दोनों कार्यालय एक ही भवन में संचालित हैं। अज्ञात व्यक्ति ने 24 जनवरी की रात कार्यालय के पीछे के गेट को तोड़कर प्रवेश किया तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं राजकीय अभिलेख चुरा ले गया। कार्यालय के डब्ल्यूयूए भवन निर्माण फाइल, जिला कलक्टर पत्राचार फाइल, सैलरी बिल फाइल सभी हैड के 2019-2020, डब्ल्यूयूए अध्यक्षों से संबंधित पत्राचार फाइल, रॉ-वाटर बिल रजिस्टर एवं बिल फाइल, बाराबंदी की फाइलें पुरानी व नई, शुद्धकार व खतौनी के बस्ते, रिटायर्ड कर्मचारियों के रिकार्ड व सर्विस बुक, ऑफिस सर्कुलर फाइल, पुराने कैशबुक, पे पोस्टिंग व बिल रजिस्टर, अन्य पुराने दस्तावेज के बस्ते लगभग 20 एवं चालू वित वर्ष की काश्तकारों की फाइलें चोरी हो गई।
इसके अलावा जनरल पत्राचार फाइल, कोड नम्बर 225 बाइडिंग बुक, डीसीबी 2005 से, विवादित क्लेम फाइल मदन सिंह, बिल रजिस्टर पुराने, जीपीएफ रजिस्टर, एनकेसमेंट रजिस्टर, पुराने पत्राचार फाइलें, कनिष्ठ अभियंता से संबंधित पंजिका, मतदाता सूची पुरानी, जगतपाल कोर्ट केस फाइल चक 9 आरपी, प्रशासन गांव के संग 2010, निर्माण कार्य से संबंधित पुराने दस्तावेजों की फाइलें, इन्द्रसिंह बनाम सुरेश जांच रिपोर्ट बैग, एनजीसी नहर पत्राचार फाइल, तलवाड़ा झील फाइल, एक्सईन रावतसर पत्राचार फाइल, हरदीप सिंह मेहरवाला फाइल, चक 659 आर फाइल, राठीखेड़ा माइनर पत्राचार फाइल, मसीतांवाली माइनर पत्राचार फाइल 2017-18, तकनीकी रिपोर्ट आरडी 572-582, हजारासिंह 43/08 अपील फाइल, हनीफा बीबी 324/10 फाइल, अल्लाबक्स 2 एमडी फाइल, सुरजीत कौर फाइल, जगजीत सिंह फाइल, सहीराम फाइल, रूपराम 47/2014 फाइल जीतसिंह/भोलासिह फाइल, सतनाम सिंह फाइल, पुराना पेड कर्मचारी मेडिकल संबंधित, मदन ठेकेदार क्लेम से संबंधित थैला, रिकॉर्ड मय बस्ता रणजीतपुरा साइट सीमेंट, पीला बस्ता तथा एसआई रजिस्टर 1994-09 तक चोरी हो गए। अज्ञात चोर जीपीएफ कटौती रजिस्टर, बिल रजिस्टर, जीपीएफ लोन रजिस्टर, एनकेशमेंट रजिस्टर, सर्विस पोस्टिंग रजिस्टर, स्टेंडिंग ऑर्डर रजिस्टर, रिलाइनिंग ऑफ एनजीसी आरडी 10 से 20, ठेकेदारों से संबंधित फाइलें, निर्माण कार्य फाइल मदन, एनडीआर समस्त चक फाइल, एनजीसी समस्त चक फाइल, राठीखेड़ा, मसीतांवाली, मुण्डा, रणजीतपुरा, लखूवाली माइनर समस्त चक फाइल, कोर्ट केस फाइल, आरटीआई फाइल, जनरल ऑफिस कॉपी फाइल, पासबुक मोहन लाल मीणा, मेजरमेंट बुक, कार्यालय सहायक अभियंता उपखण्ड तृतीय दसवां खण्ड इंगानप हनुमानगढ़ के 1 एआरडब्ल्यू से 3 एआरडब्ल्यू तक समस्त रिकार्ड, भू-अभिलेख रिकार्ड, समस्त एनडीआर नहर के चकों की शुद्धकार, खतौनियां, बाराबंदी बस्ते, पार्ट चक प्लान, खाता बही, रजिस्टर नम्बर 29, 35 चालान रजिस्टर, अध्यक्षों की ओर से जमा करवाई गई रसीद बुक, डब्ल्यू अध्यक्षों की ओर से जमा कराया गया राजस्व रिकार्ड, समस्त चकों की बाराबंदी फाइलें, अन्य पुराने राजस्व रिकार्ड/दस्तावेज बस्ते, न्यायालय प्रकरणों की फाइलें, भू राजस्व का समस्त रिकार्ड आदि चोरी हो गए।
रेलवे पुलिस ने पकड़ा
जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग कार्यालय से 24 जनवरी को फाइल चोरी कर जाते हुए रिक्शा चालक कबाड़ी को जीआरपी ने उसी रात पकड़ लिया था। रेलवे पुलिस ने जब दस्तावेज वगैरह देखे तो इसकी सूचना तत्काल जंक्शन थाना पुलिस को दी। जंक्शन पुलिस मौके पर पहुंची तथा तमाम फाइलें वगैरह जब्त कर ली थी। घटना के अगले दिन जल संसाधन विभाग के अधिकारी जंक्शन थाने पहुंचे। मगर अधिकारियों ने मामला दर्ज कराने में करीब एक सप्ताह का समय लिया। फाइलें चुराने के इस प्रकरण की गहन जांच-पड़ताल जरूरी है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच हैड कांस्टेबल जसवंत सिंह को सौंपी है।
गहन जांच-पड़ताल जरूरी
पहले भी रिकॉर्ड गायब होने के मामले सामने आए हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर कार्यालय से चोरी कैसे हो सकती है। असल में तो चोरी नहीं होती बल्कि रिकॉर्ड गायब करवाए जाते हैं। जब आबियाना वसूली का रिकॉर्ड गायब हो जाएगा तो बहुत दिक्कतें आएंगी। यह साधारण चोरी की घटना नहीं है। इसकी गहन जांच पड़ताल जरूी है। - विनोद कड़वासरा, अध्यक्ष, रतनपुरा वितरिका।
Published on:
31 Jan 2022 09:20 pm
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