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अबकी बार करीब दो लाख हेक्टैयर में कपास की बिजाई, गुलाबी सुंडी की रोकथाम का प्रयास

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. इस बार कपास के अच्छे रेट मिलने से किसानों ने इसकी बिजाई पर खूब जोर दिया है। जिले में अबकी बार करीब दो लाख हेक्टैयर में इसकी बिजाई की गई है। वहीं बीते दिनों बरसात आने के बाद खेतों में नमी बढ़ गई है। इससे कीट-प्रकोप आने की आशंका है।  

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अबकी बार करीब दो लाख हेक्टैयर में कपास की बिजाई, गुलाबी सुंडी की रोकथाम का प्रयास
-बीटी कपास उत्पादन तकनीक एवं गुलाबी सुंडी नियंत्रण को लेकर विभागीय टीम सतर्क
हनुमानगढ़. इस बार कपास के अच्छे रेट मिलने से किसानों ने इसकी बिजाई पर खूब जोर दिया है। जिले में अबकी बार करीब दो लाख हेक्टैयर में इसकी बिजाई की गई है। वहीं बीते दिनों बरसात आने के बाद खेतों में नमी बढ़ गई है। इससे कीट-प्रकोप आने की आशंका है।
कृषि विभाग स्तर पर कपास उत्पादक, आदान विके्रता, कीटनाशक बनाने वाली कंपनी प्रतिनिधियों को जागरूक किया जा रहा है। खेतों में गुलाबी सुंडी का प्रकोप कपास उत्पादन का गणित न बिगाड़ न दे, इसे देखते हुए विभागीय किसानों को जागरूक कर रही है। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) बीआर बाकोलिया ने बताया कि बीटी कपास में गुलाबी सुंडी का प्रकोप होने पर विभाग द्वारा सिफारिश किए गए कीटनाशकों के प्रयोग करने एवं नियमित भ्रमण कर कृषकों को तकनीकी सलाह देने को फील्ड स्टॉफ को पाबंद किया गया है। जिन किसानों ने अपने खेतों में बीटी नरमा की लकडिय़ां भंडारित करके रखा है या उनके खेतों के आस-पास कपास का जिनिंग से तेल निकालने की मिल लगी हुई है। इन किसानों को अपने खेतों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि इन किसानों के खेतों में गुलाबी सुंडी का प्रभाव अधिक होता है। बिजाई के 40 से 50 दिन बाद पांच फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर की दर से लगाए। बीटी नरमा के पौधों पर लगे 100 फूलों में से 5-10 गुलाब की तरह बंद (रोजेट फूल) होने पर 20 हरे टिंडो (10-15 दिन पुराने बढ़े आकार के टिंडे) को खोलने पर 1-2 टिडों में सफेद या गुलाबी सुंडी (लार्वा) दिखाई देता है तो आर्थिक हानि स्तर से ऊपर प्रकोप है। इसके लिए गुलाबी सुंडी के नियंत्रण के लिए आर्थिक हानि स्तर पर छिडक़ाव के लिए डिरेक्टिन 300 पीपीएम 5 एमएल प्रति लीटर पानी की दर के साथ ईमामेक्टिन पंजोएट 5 एस जी 240 ग्राम, फोफॉस 50 ईसी 1000 मिली 2 एमएल प्रति लीटर पानी इण्डीकार्ब 145 प्रतिशत एससी 05 एमएल प्रति लीटर पानी के साथ मिलाकर स्प्रे करने की सलाह दी गई है।
आदान विके्रताओं एवं कंपनी प्रतिनिधियों से आग्रह किया विभाग द्वारा सिफारिश किए गए नीम कीटनाशी ही किसानों को उपलब्ध करवाया जाए। कीट नियंत्रण को लेकर जिला स्तर एवं ब्लॉक सार पर टास्क फोर्स का गठन किया जाकर निर्देशित किया गया है कि नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर सुंडी के प्रकोप को स्थिति का आकलन करें। जिला कार्यालय एवं उप जिला कार्यालय पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।