ओपन जिम, योगा सेंटर, कैंटीन युक्त टाउन का पहला सबसे बड़ा सेंट्रल पार्क बनकर तैयार
– करीब सवा छह करोड़ रुपए की लागत से हुआ निर्माण
– अंतिम चरण का कार्य शेष, जल्द होगा उद्घाटन
हनुमानगढ़. टाउन के आरओबी के पास सबसे बड़ा सेंट्रल पार्क बनकर लगभग तैयार है। जल्द ही नगर परिषद की ओर से इसका विधिवत रूप से उद्घाटन किया जाएगा। पार्क का निर्माण करीब सवा छह करोड़ की लागत से किया गया हैै। खास बात यह है कि इस पार्क में आर्कषण का केंद्र भीलवाड़ा व धौलपुर पत्थर की कारीगिरी और आधुनिक लाइटिंग है। जो लोगों को आर्कषित करती है। इसके अलावा पार्क में घूमने आने वाले लोगों के लिए ओपन जिम, योगा सेंटर, कैंटीन व बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था भी है। गौरतलब है कि इस जगह पर कचरे के के बड़े-बड़े ढ़ेर हुआ करते थे। कई वर्ष पूर्व नगर परिषद इन गड्ढ़ों को भरने के लिए वार्डों से एकत्रित कचरा संग्रहण कर यहां डालती थी। हालांकि बाद में इस भूमि पर कचरा डालना तो बंद कर दिया। लेकिन आसपास के लोगों ने मलबा डालना जारी रखा। करीब 18 बीघा भूमि पर मलबे व कचरे के ढेर थे। जिसे नगर परिषद ने अब पार्क में तब्दील कर दिया है। नगर परिषद का दावा है कि इस तरह का पार्क आसपास के जिलों में नहीं है।
यह भी सुविधा
सेंट्रल पार्क में भ्रमण करने वाले लोगों के पेयजल की व्यवस्था के लिए दो प्याऊ का निर्माण किया जा रहा है। इस पार्क का रख-रखाव प्राइवेट कंपनी की ओर से तीन वर्ष तक किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद संबंधित कंपनी को प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख रुपए का भुगतान करेगी।
ड्रीम प्रोजेक्ट पर फोकस
प्लस फोटो…40
सभापति गणेशराज बंसल ने बताया कि उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था कि टाउन में बड़ा पार्क होना चाहिए। इसके लिए टाउन के ओवरब्रिज के पास 18 बीघा भूमि पर सेंट्रल पार्क का निर्माण करवाने के लिए डीपीआर तैयार करवाकर निर्माण कार्य शुरू करवाया। कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही इसका विधिवत रूप से उद्घाटन कर शहरवासियों को सुपुर्द किया जाएगा। शहर में सौंदर्यीकरण को लेकर विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। वर्तमान में टाउन की राजाकोठी में भी ऐतहासिक पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
साम्प्रदायिक सौहार्द का केंद्र
टाउन का सेंट्रल पार्क साम्प्रदायिक सौहार्द का भी केंद्र बन गया है। इस पार्क में मंदिर व दरगाह है। इनके सौंदर्यीकरण को लेकर भी कार्य किया गया है। पार्क में बाबा खेतरपाल व हनुमान का मंदिर और एक दरगाह भी है। यहां लोग पूजा अर्चना के लिए आते हैं।
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