
पेयजल की मांग को लेकर उप तहसील कार्यालय पर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
पेयजल की मांग को लेकर उप तहसील कार्यालय पर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
हनुमानगढ़. जिले में पेयजल की आपूर्ति नहीं होने से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। जिले पल्लू कस्बे के वार्ड दस के लोगों ने पानी की मांग को लेकर उप तहसील कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार जगदीशप्रसाद मीणा को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि वार्ड में पिछले नौ दिनों से पानी की सप्लाई नहीं आई है। इसके लिए पूर्णत: जलदाय विभाग जवाबदेह है।समस्या का समाधान नहीं होने के कारण लोगों को महामारी संकट के बावजूद सड़क पर उतरना पड़ रहा है। वार्डवासी सुनील जोशी ने समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। भाजपा प्रदेश प्रतिनिधि धर्मपाल सिहाग ने बताया कि पल्लू क्षेत्र के हर गांव में पेयजल की समस्या है। इसका जल्दी समाधान निकाल कर लोगों को राहत दी जानी चाहिए। विरोध प्रदर्शन में अजय स्वामी, महावीर पूनिया, कृष्ण जोशी, गोपाल जोशी, जगदीश स्वामी, जयप्रकाश दाधीच, आदराम वर्मा, केशव पंचारिया, गोपाल राजपुरोहित, कालूराम खीचड़ आदि शामिल हुए।
ग्रामीण अपने स्तर पर कर रहे पेयजल डिग्गी की सफाई
रावतसर. निकटवर्ती ग्राम पंचायत कनवानी के ग्रामीणों ने पूरे गांव को शुद्ध पेयजल सप्लाई के लिए डिग्गी सफाई का अभियान शुरू किया है। ग्रामीणों ने बताया कि जलदाय विभाग की डिग्गी की काफी समय से सफाई नहीं हई थी। ग्रामीणों को दूषित पेयजल सप्लाई किया जा रहा था। इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया तो बजट का अभाव बताया। इस पर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पूरे गांव से चंदा कर नहरबंदी के दौरान खाली हो चुकी डिग्गी की सफाई शुरू कराई। ग्रामीणों ने बताया कि डिग्गियों की पूर्ण सफाई करवा मरम्मत भी करवाई जाएगी। इस कार्य के लिए गांव से अब तक २६ हजार रुपए एकत्र किए गए हैं। ग्रामीण महेन्द्र सहारण, रामसिंह शर्मा, जयपाल, गांधीराम सहारण, पूर्णाराम, सरजीत आदि सहयोग कर रहे हैं।
डिग्गियों की चारदीवारी नहीं होने से बढ़ी परेशानी
पीलीबंगा. पंचायत समिति के अधीन अधिकांश पंचायतों में स्थित वाटरवक्र्स की डिग्गियों की चारदीवारी नहीं होने से पशुओं आदि के डूबने की घटनाएं हो रही हैं। उपखंड क्षेत्र में करीब दो दर्जन से अधिक वाटरवक्र्स में डिग्गियां खाली सतह पर बनी हुई है। उनके चारों ओर दीवारें नहीं हैं। डिग्गियों की गहराई करीब 20 से 30 फीट के बीच है। ऐसे में चारदीवारी नहीं होने, छोटी होने तथा क्षतिग्रस्त होने से उनमें पशुओं, बच्चों आदि के गिरने की आशंका बनी रहती है। जानकारी के अनुसार अधिकांश वाटरवक्र्स में टंकी, डिग्गी आदि का निर्माण तो कर दिया गया। लेकिन चारदीवारी का निर्माण नहीं हुआ। ऐसे में विभाग को डिग्गियों के चारों ओर तारबंदी करनी चाहिए या फिर दीवार का निर्माण करवाया जाना चाहिए। जलदाय विभाग का कहना है कि नियमानुसार सभी वाटरवक्र्स की डिग्गियों के चारों ओर एक मीटर ऊंचाई की दीवार बनी हुई है। इससे अधिक ऊंची दीवार का प्रस्ताव नहीं है।
Published on:
21 May 2021 08:25 am
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