किसानों का बीमा क्लेम अटकाने में राज्य व केंद्र की समान नीति
-जल्द बकाया बीमा क्लेम नहीं मिलने पर सीएम दौरे का विरोध करने की दी चेतावनी
-किसान सभा के महासचिव मंगेज चौधरी सहित अन्य किसानों ने बीमा कंपनी पर लगाया मनमानी का आरोप
हनुमानगढ़. प्रधानमंत्री फसल बीमा की बड़ी राशि किसानों को लंबे समय से नहीं मिली है। क्लेम अटकने से किसानों की स्थिति दयनीय हो रही है। राज्य व केंद्र सरकार दोनों क्लेम अटकाने में समान नीति अपना रही है। इस वजह से किसान क्लेम के लिए भटक रहे हैं। यह बात किसान सभा के जिला महासचिव व माकपा नेता मंगेज चौधरी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि रबी 2021 की 13 हजार पॉलिसी जो जांच के लिए पेंडिंग रखी थी, इसमें से पीएनबी बैंक की 4450 पॉलिसी रिजेक्ट कर दी गई है। जो कंपनी की मनमानी को दर्शाती है। बीमा कंपनी के अफसरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीमा कंपनी के अफसर किसानों की शिकायत की सुनवाई नहीं कर रहे हैं। जिले में फसल कटाई प्रयोग के नाम पर किसानों का करोड़ों का क्लेम रोका गया है, यह उचित नहीं है। उन्होंने जिला कलक्टर से कहा है वह तय करें कि इसमें गलती किसकी रही है। इसके आधार पर किसान आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 5500 पॉलिसी अभी तक कंपनी ने अप्रूव नहीं की है। पत्रकारों से बातचीत में मंगेज चौधरी ने कहा कि खरीफ 2022 में सिर्फ 87 करोड़ रुपए बांटकर बीमा कंपनी खुश हो रही है। हकीकत यह है कि हमारा 400 करोड़ रुपए के आसपास क्लेम बन रहा है। जिले में 53 ऐसे पटवार मंडल हैं जिसमें कंपनी ने ओब्जेक्सन लगा रखे हैं। हमारी मांग है कि कंपनी के ओब्जेक्सन हटाकर संपूर्ण क्लेम जारी किया जाए। जो बाउंस क्लेम हंै वो किसानों को जारी किया जाए। जिन किसानों की डेथ हो चुकी है उनके वारिसों को क्लेम जारी किया जाए। मंगेज चौधरी ने चेताया कि अगर किसानों का क्लेम जल्द से जल्द जारी नहीं किया गया तो आगामी 26 जून को नोहर उपखंड कार्यालय के आगे अनिश्चित कालीन महापड़ाव डाला जाएगा। अगर 26 जून तक किसानों का क्लेम जारी नहीं हुआ तो आगामी दिनों में राजस्थान के मुख्यमंत्री के जिले के दौरे के दौरान किसान उनका विरोध करेंगे। चेतावनी दी कि सीएम के हैलीकॉप्टर को किसान नीचे नहीं उतरने देंगे। माकपा नेता रघुवीर वर्मा, किसान सभा के कोषाध्यक्ष पवन देहडू, रणवीर खींची, सुभाष सहू, मांगीलाल रुहिल, हनुमान ढिल, अमर सिंह डूडी, महावीर बेनीवाल, ईमीचंद नैण, हेतराम वीरडा, लालचंद वर्मा आदि मौजूद रहे।