
भाखड़ा रेग्यूलेशन सब कमेटी की बैठक में पानी की तस्वीर साफ
भाखड़ा रेग्यूलेशन सब कमेटी की बैठक में पानी की तस्वीर साफ
-भाखड़ा नहर में आठ मई से गोलबारी करेंगे लागू
हनुमानगढ़. भाखड़ा रेग्यूलेशन सब कमेटी की बैठक शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई। एडीएम प्रतिभा देवठिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाखड़ा नहर के प्रस्तावित रेग्यूलेशन पर चर्चा की गई। इस दौरान भाखड़ा प्रणाली को सरहिंद फीडर के माध्यम से मिलने वाले पानी में उतार-चढ़ाव के कारण आठ मई से प्रस्तावित रेग्यूलेशन प्रणाली में गोलबारी सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया। एक्सईएन रामाकिशन ने सदस्यों के समक्ष कई तरह के प्रस्ताव रखे। इसमें गोलबारी सिस्टम पर सहमति बनी। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम से नहर चलाने पर पूरी नहर फीड हो सकेगी। बैठक में रेग्यूलेशन ग्रुप में कम क्षमता वाली नहर को प्राथमिकता में नीचे रखने की बात कही।
साथ ही अगर किसी नहर में 70 प्रतिशत पानी चल जाता है तो उस नहर को पूरी चली हुई मानने पर सहमति बनी। इसके अलावा आगामी नहरबंदी में पेयजल चलने पर पीएचईडी की डिग्गियों के साथ व्यक्तिगत पेयजल डिग्गी व बागों के लिए उद्यान विभाग से सामंजस्य कर पानी चलाने का सुझाव दिया गया। बैठक में जल संसाधन विभाग के एसई शिवचरण रैगर, मूल सिंह, एक्सईएन रामाकिशन, एक्सईएन द्वितीय खंड सहीराम यादव, एक्सईएन खंड प्रथम अजय कुमार, भाखड़ा प्रोजेक्ट के चैयरमेन मनप्रीत सिंह, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़, विजय जांगू, केसी गोदारा, विनोद धारणिया, उश्नाक मोहम्मद आदि मौजूद रहे। इस मौके पर विनोद कड़वासरा ने मांग रखी कि आगामी नहरबंदी में बागों की डिग्गियों और ढाणियों में बनी पेयजल डिग्गियां भरवाई जाए। अन्य सदस्यों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
बीबीएमबी की बैठक में 850 क्यूसेक शेयर निर्धारित
गत दिनों बीबीएमबी की हुई बैठक में आठ मई से भाखड़ा नहर के लिए 850 क्यूसेक पानी निर्धारित किया गया था। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पंजाब की ओर से ज्यादा पानी चलाने को लेकर आश्वस्त यिका गया है। लेकिन कितना पानी ज्यादा मिलेगा, इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। पानी के उतार-चढ़ाव को देखते हुए ही गोलबारी सिस्टम को लागू करने का निर्णय लिया गया है।
आंदोलन के बाद भी नहीं बनी बात
एक मई को संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में किसानों ने जल संसाधन विभाग मुख्य अभियंता कार्यालय पर पड़ाव डाला था। इसमें मुख्य अभियंता के साथ हुई वार्ता में बारह सौ क्यूसेक पानी देने पर आंशिक सहमति बनी थी। लेकिन जमीनी तौर पर ऐसा होता हुआ संभव नहीं लग रहा है। इसलिए भाखड़ा नहर में ग्रुप निर्धारित करने की बजाय गोलबारी सिस्टम को लागू किया गया है।
Published on:
06 May 2023 10:27 pm

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