24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुरक्षा सखी से जुड़कर महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति हों जागरूक

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. दो दिवसीय जिला स्तरीय सुरक्षा सखी कार्यशाला का शुभारंभ जिला मुख्यालय पर जिला परिषद सभागार में जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका शाजिया तबस्सुम की अध्यक्षता में हुआ। कार्यशाला में राजीविका परिवार ब्लॉक हनुमानगढ़ के स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य शामिल हुईं।  

2 min read
Google source verification
सुरक्षा सखी से जुड़कर महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति हों जागरूक

सुरक्षा सखी से जुड़कर महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति हों जागरूक

सुरक्षा सखी से जुड़कर महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति हों जागरूक
-जिले में अभी तक पचास हजार के करीब महिलाएं जुड़ी

हनुमानगढ़. दो दिवसीय जिला स्तरीय सुरक्षा सखी कार्यशाला का शुभारंभ जिला मुख्यालय पर जिला परिषद सभागार में जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका शाजिया तबस्सुम की अध्यक्षता में हुआ। कार्यशाला में राजीविका परिवार ब्लॉक हनुमानगढ़ के स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य शामिल हुईं। जानकारी के अनुसार जिले ें ४३९० स्वयं सहायता समूह से करीब ५२००० महिलाएं जुड़ गई है। इनको अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसमें जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका शाजिया तबस्सुम व महिला पुलिस थाना की सब इंस्पेक्टर संध्या बिश्नोई ने महिला अधिकारों के संबंध में कानूनी जानकारी दी। उक्त योजना के उद्देश्य से अवगत कराया। ताकि अधिक से अधिक महिलाओं व छात्राओं को इससे जोड़कर उनकी समस्याओं को पुलिस के समक्ष लाया जाए। जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका शाजिया तबस्सुम ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से पूरे प्रदेश में पुलिस विभाग में सुरक्षा सखी योजना शुरू की गई है। इसके तहत महिलाओं व युवतियों को सखी योजना से जोड़कर उनके माध्यम से आम महिलाओं व युवतियों को कानून के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शाजिया तबस्सुम ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से शुरू की गई सुरक्षा सखी अपने आप में महिला तबके के लिए बहुत बड़ी योजना है। क्योंकि आज महिलाएं समाज में उनके खिलाफ होने वाले तरह-तरह के अपराधों से पीडि़त हैं। उस पीड़ा को समझते हुए राजस्थान सरकार की ओर से सुरक्षा सखी योजना शुरू की गई है। इसके तहत कोई भी महिला सुरक्षा सखी के रूप में सदस्य बन सकती हैं। सदस्य बनने के बाद वह महिला समाज और पुलिस विभाग के बीच कड़ी के रूप में काम करती है। वह महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी। साथ ही उन्हें प्रोत्साहित करेगी कि अगर उनके खिलाफ अपराध हो रहे हैं तो वह अपनी आवाज को दबाए नहीं बल्कि अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएं। एफआईआर दर्ज करवा न्याय प्राप्त करें। पीडि़ता को सम्बल प्रदान करने के उद्देश्य से कहीं न कहीं सुरक्षा सखी बड़ी महत्वपूर्ण योजना है। एसआई संध्या बिश्नोई ने कहा कि राज्य में महिलाओं व पुलिस के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की ओर से सुरक्षा सखी समूह का गठन किया गया है। महिलाओं व बच्चियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जानकारी देकर जागरूक एवं मजबूत बनाना योजना का उद्देश्य है। इस योजना के अन्तर्गत सभी पुलिस थानों में सुरक्षा सखी विंग बनाई गई है। जो महिलाओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कराएगी। कोई भी महिला या बालिका सुरक्षा सखी विंग की स्वेच्छा से सदस्य बन सकेगी। सुरक्षा सखी विंग की हर माह थाना प्रभारी बैठक लेंगे। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में बुधवार को पीलीबंगा, टिब्बी, रावतसर, नोहर व भादरा ब्लॉक के स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य शामिल होंगी। इस मौके पर जिला प्रबंधक संजू पूनिया, बीपीएम राजबाला, एरिया कॉर्डिनेटर मंजू, फाइनेंस मैनेजर नरेन्द्र असीजा, जिला लेखाकार सुमित कुमार, कम्प्यूटर प्रोग्रामर प्रशांत पारीक मौजूद थे।