
हापुड़। पुलिस की कस्टडी में युवक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की थर्ड डिग्री देने से प्रदीप की मौत हो गयी। परिजनों का आरोप है की पुलिस ने पहले तो मृतक प्रदीप के भाई को उठाया और फिर किसान प्रदीप को फोन करने बुलाया और उसके साथ जमकर मारपीट की जिससे किसान प्रदीप की दर्दनाक मौत हो गयी। हालाकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
दरअसल मामला पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र के लाखन गांव का है, जहां कुछ समय पहले एक महिला की जली हुई बॉडी मिली थी। मामले की जांच करते हुए रविवार शाम पुलिस ने लाखन गांव निवासी प्रदीप तोमर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ पुलिस ने जमकर मारपीट की और उसके बाद पिलखुआ कोतवाली पुलिस ने युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के लिए मृतक प्रदीप को अस्पताल में भी भर्ती कराया। जहां युवक को मृतक घोषित कर दिया गया। वहीं पुलिस की थर्ड डिग्री देने के बाद किसान की मौत से गांव में दहसत का माहौल बना हुआ है। वहीं मामला गर्म होते देख कई थानों की फ़ोर्स को मौके पर तैनात कर दिया गया है।
वही पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह का कहना है की कुछ समय पहले एक महिला की जली हुई बॉडी मिली थी। जिसकी जांच चल रही थी और शक होने पर प्रदीप को बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान हालत बिगड़ गयी और उसकी मौत हो गयी। शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है पीएम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसमें पुलिसकर्मी दोषी है तो उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
14 Oct 2019 12:09 pm
Published on:
14 Oct 2019 12:08 pm

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