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टिमरनी नप में 1.32,हरदा नपा पर 1.02 करोड़ और खिरकिया नप पर 36 लाख पेनाल्टी

महेश भवरे हरदा. एनजीटी(नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने जिले के तीन नगरीय निकायों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रुप में 2.70 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई है। आदेश में कहा कि समय सीमा में नगरीय निकाय बायोरेमिडेशन और एसटीपी नहीं बनवा सके। नदियों में सीधे सीवेज छोड़ा गया है। मुक्तिधाम के सामने खुले में हानिकारक कचरा जलाया जा रहा है। इस कारण इन पर यह जुर्माना लगाया गया है। 2 माह में राशि जमा नहीं करने और 31 दिसंबर 2023 तक निर्माण नहीं कराने पर सीएमओ के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराया जाएगा।

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हरदा

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Mahesh bhawre

Sep 13, 2023

  टिमरनी नप में 1.32,हरदा नपा पर 1.02 करोड़ और खिरकिया नप पर 36 लाख पेनाल्टी

1.32 crore penalty in Timarni Napa, Rs 1.02 crore on Harda Napa and 36 lakh penalty on Khirkiya Napa

--एनजीटी सूत्रों के अनुसार मप्र की सभी नगरीय निकायों के खिलाफ एनजीटी में ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन,सीवरेज सिस्टम,एसटीपी प्लांट सहित अन्य जरुरी निर्माण कराने के लिए प्रकरण क्र.606/2018 दर्ज किया गया था। निकायों की हर 6-6 माह में रिपोर्ट देखी गई।
फिर भी निकायों ने ये जरुरी निर्माण नहीं कराए। इस कारण एनजीटी ने जुर्माना लगाया।24 दिसंबर 2021 तक राशि जमा करने के आदेश दिए।फिर भी किसी नगरीय निकाय ने न तो राशि जमा की और न ही कोई जवाब दिया। तब एनजीटी ने जिला कलेक्टरों को पत्र लिखे। इनमें कहा कि वे भू राजस्व की वसूली की तरह ही इस राशि का वसूली कराने में सहयोग करें।

हरदा में करीब 80 हजार की आबादी 35 वार्डों में रहती है। इनमें आधी आबादी अवैध कॉलोनियों में बसी है। पूरे शहर का कचरा मुक्तिधाम के सामने डंप किया जाता है। आए दिन इसमें आग लगा दी जाती है। इसके जहरीले धुएं से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। लोग बीमार हो रहे हैं। जहरीला पानी रिसकर बाजू में अजनाल नदी में मिलता है। इस मामले को लेकर जागरुक नागरिक मेहमूद अली ने एनजीटी में मप्र प्रमाण शिकायत की। 23 अगस्त 2023 को इसमें निर्णय हुआ। जिसमें हरदा नपा पर एक करोड़ 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।

संयुक्त टीम देगी रिपोर्ट,निर्माण भी कराना होगा:
नपा को ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन और अन्य काम के लिए एनजीटी कोे काम कराने के लिए लिखित में दिया है,वे उसे 31 दिसंबर 2023 तक हर हाल में पूरे कराना होगा। इसकी निगरानी के लिए अफसरों की संयुक्त टीम बनी है। इसमें कलेक्टर,डीएफओ और पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक सदस्य शामिल हैं। नपा द्वारा कराई जाने वाली व्यवस्था व निर्माण की मॉनिटरिंग टीम करेगी। अपनी रिपोर्ट देगी।एनजीटी से जारी आदेश दिनांक से 2 माह के भीतर जुर्माने की राशि भी जमा करना होगा। ऐसा न करने पर सीएमओ के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराया जाएगा।

टिमरनी पर सबसे ज्यादा जुर्माना:
जिले में एक नपा व तीन नगर परिषद है। सिराली नप नई बनी है। बाकी नगरीय निकायों के खिलाफ दर्ज केस 2018 के हैं। 15 वार्डों वाली टिमरनी नप पर जिले में सबसे ज्यादा एक करोड़ 32 लाख का जुर्माना लगा है। 15 वार्डों वाली खिरकिया नप पर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के कारण 36 लाख का जुर्माना लगा है।

जुर्माना इसलिए:
1. बायोरेमिडेशन:
इसका मतलब जैव उपचार होता है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें सूक्ष्मजीवों का प्रयोग कर पर्यावरणीय प्रदूषकों को कम करने या रोकने का काम किया जाता है। यह तकनीक मुख्यत: इस आधार पर काम करती है कि सूक्ष्म जीवों में जैविक यौगिकों को नष्ट करने की असीमित क्षमता होती है। नपा को ट्रेंचिंग ग्राउंड पर जैव उपचार करना था,लेकिन ऐसा नहीं किया। इस कारण यह जुर्माना किया।

2. सीवरेज सिस्टम का अभाव:
इसका अर्थ तरल अपशिष्ट का उपचार करना और इसका निपटान करना है। सीवर प्रणाली में अपशिष्ट का संग्रहण, उपचार और निपटान करने के लिए आवश्यक सभी भौतिक संरचनाएं शामिल होती है। नपा ने सीवरेज के निष्पादन के लिए कोई ट्रीटमेंट प्लांट तैयार नहीं किया। खुले में सीवरेज जमा किया जा रहा था। जिसके चलते जुर्माने की कार्रवाई की गई।
3. एसटीपी का निर्माण नहीं करना:
नालों को टैप कर गंदा पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधन के लिए भेजा जाता है। ट्रीटमेंट के बाद इस पानी का उपयोग अन्य कार्यों के लिए होता है। नपा ने एसटीपी का निर्माण नहीं कराया। शहर के नालों व नालियों का गंदा पानी नदियों में जा रहा है। इस कारण पयार्वरणीय क्षति के रूप में जुर्माने की कार्रवाई की गई।

एनजीटी ने नगरीय निकायों पर अधिरोपित की पेनाल्टी
नगरीय निकाय पेनाल्टी
नगरीय निकाय का नाम जुर्माने की राशि
हरदा नगर पालिका 1.02 करोड़

टिमरनी नगर परिषद 1.32 करोड़
खिरकिया नगर परिषद 36 लाख

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इनका कहना है
एनजीटी जिले के तीन निकायों को उन पर लगाई पेनाल्टी की राशि 2 माह में जमा करने के आदेश दिए हैं। 31 दिसंबर 2023 तक एसटीपी,सीवरेज प्लांट आदि सारे काम पूरे कराना है। यदि समय सीमा में राशि जमा नहीं तो सीएमओ के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15, 16 एवं राष्ट्रीय हरित अधिनियम 2010 की धारा 26 सहपठित धारा 30 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाएंगे।
-अभय सराफ,क्षेत्रीय अधिकारी,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,मंडीदीप

इनका कहना है
नपा को ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन मिल गई है। लंबे समय से जहां कचरा फेंका जा रहा है,उसे व्यवस्थित ढंग से हटाने का काम अनुबंधित ठेका कंपनी बारिश के बाद करेगी। जिससे भविष्य में इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

-भारती कमेडिया,नपाध्यक्ष,हरदा

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