हरदा.संविधान और कानून ने हर व्यक्ति को अधिकार दिए हैं। कई बार अधिकारों को पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यह शिक्षा से ही संभव है। बदलते परिवेश में विकास के लिए समाज का संगठित होना बेहद जरुरी है। यह बात रजिस्ट्रार रामकुमार चौरे ने कही। वे मंडी परिसर में रविवार को कतिया समाज द्वारा आयोजित युवा महापंचायत में बतौर अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन का मूल आधार है। इससे परिवार व समाज संगठित होता है।
शिक्षा से समाज व राष्ट्र के लिए योग्य नागरिक तैयार हाेते हैं। उन्होंने अधिकार व कर्तव्यों को एक दूसरे का पूरक बताया। साथ ही समाज विकास के लिए युवाओं से आगे आने की बात कही। श्रवण कुमार नागले ने कहा कि यह बदलाव का समय है। समाज पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। ऐसे में हम न्याय की लड़ाई तभी जीत पाएंगे जब एकजुट होंगे। बिखराव बड़ी से बड़ी ताकत को भी शून्य कर देता है। उन्होंनेे कहा कि समाज में योग्य लोगों की कमी नहीं है,लेकिन एकजुटता से ही इसे बड़ी शक्ति के रुप में पहचान दी जा सकती है। उन्होंने बिना भेदभाव बेटे बेटियों को उच्च व तकनीकी शिक्षा दिलाने की बात कही।कतिया समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सोहन बिल्लोरे ने कहा कि हम अपनी सामाजिक ताकत पहचानें,औरों के हाथ मजबूत करने के बजाय खुद अपने पैरों पर खड़े हों। जिससे राजनीतिक क्षेत्र में भी समाज को आरक्षित पदों के अलावा अलग से पहचान दिलाई जा सके।युवा प्रदेशाध्यक्ष राहुल पवारे ने कहा कि गांव गांव में समाज का नया मजबूत संगठन तैयार किया जा रहा है,जो स्थानीय स्तर पर अन्याय के खिलाफ लड़ेगा। ब्लॉक व जिला संगठन भी अपना सहयोग देगा। संचालन अजय मंडलेकर ने किया।
युवा महापंचायत में 10वीं,12 वीं में सर्वोच्च अंक लाकर समाज का गौरव बढ़ाने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया। खेल,सरकारी नौकरी में चयन,सामाजिक क्षेत्र में उपलब्धि पाने और जनप्रतिनिधियों को अतिथियों ने शील्ड,प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। समाजसेवी पीएस अग्निभोज,केपी चौरे,बीएल काज्वे,आरएस लखोरे,गुलशन चौरसिया,राजवंती लखोरे,रमा मंडलेकर,विजयश्री चौरसिया,शशि दमाड़े,देवीदीन चावड़ा,तरुण झिंजोरे,राहुल नागराज,प्रवीण ओनकर,गोलू भवरे,रवि ओनकर,अर्जुन हुरमाले,नितिन चोलकर,जितेंद्र चौरे सहित आदि मौजूद रहे।