हरदा.शनिवार को सनफ्लावर हायर सेकंडरी स्कूल में पत्रिका ने स्कूली छात्र विदयार्थियों को सायबर अपराध से बचाव और सुरक्षित यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए जागरुकता कार्यक्रम रखा। जिसमें सायबर सेल प्रभारी एसआई उमेश ठाकुर ने सरल तरीके से उपयाेगी जानकारी दी। यातायात थाने के हवलदार महेश शर्मा ने सुरक्षित ट्रैफिक चिन्ह के अर्थ बताए। इस दौरान शिक्षण विकास समिति अध्यक्ष रविशंकर अग्रवाल,सचिव सुरेशचंद्र अग्रवाल,कोषाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल,प्राचार्य वर्षा त्रिपाठी,उप प्राचार्य राजेश जोशी,एसआई मोहन राजपूत
---जागरुकता कार्यक्रम में सायबर सेल के उमेश ठाकुर ने बताया कि सायबर क्राइम तीन तरीके का होता है। इनमें फाइनेंनशियल,सोशल मीडिया से जुड़े हुए अपराध ज्यादा हो रहे हैं। फाइनेंसशियल मामलो में बैंक,एटीएम,ओटीपी ट्रांजेक्शन शामिल हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से संबंधित सायबर क्राइम के बारे में बताते हुए कहा कि फेसबुल,इंस्टाग्राम,वॉटसएप,टविटर के उपयोग के दौरान हमारे द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही का ठग फायदा उठाते हैं। इससे बचने के लिए हमें अपना सोशल मीडिया एकाउंट लॉक रखना चाहिए। इसके लिए कठिन पासवर्ड का उपयोग करना चाहिए। इनकी एकाउंटस और इसमें रखे अपने डेटा को सिक्योर रखने के लिए दो स्टेप वेरिफिकेशन उपयोग करना चाहिए।
अज्ञात लिंक क्लिक न करें:
ठाकुर ने विदयार्थियों को समझाया कि किसी भी ऐसी लिंक को क्लिक न करें जो हमारे लिए नई या अज्ञात हो। जब हम ऐसा करते हैं तो हमारा डेटा व सिम का नंबर दूसरा व्यक्ति उपयोग करने लगता है,जो किसी भी तरह का फ्रॉड कर सकता है,जिसके लिए सिम हमारे नाम होने के कारण कानूनी तौर पर हमें जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि टू स्टेप वेरिफकेशन होने पर कोई अन्य व्यक्ति हमारे एकाउंट का उपयोग नहीं कर पाता है। यदि गलती से दूसरा व्यक्ति हमारा डेटा चुरा लेता है या एकाउंट हैक कर लेता है तो वह हमारी फोटो का स्क्रीन शॉट लेकर उसका दुरुपयोग कर सकता है। सायबर सेल के आरक्षक कमलेश ने सभी विदयार्थियों को अपने सोशल मीडिया,ई मेल आदि एकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए मौके पर ही टू स्टेप वेरिफिकेशन करना सिखाया।उन्होंने कहा कि कभी भी किसी भी चीज का ओटीपी किसी से शेयर न करें।
कस्टमर केयर में मोबाइल नंबर यूज नहीं होता:
ठाकुर ने ऑनलाइन शापिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानी बताते हुए कहा कि इनाम जीतने लाटरी लगने जैसी लिंक क्लिक न करें। ऑनलाइन शॉपिंग उन्हीं साइट से करें,जिन्ह पर लॉक का संकेतक बना हो,ऐसी साइट सिक्योर होती हैं। उन्होंने कहा कि ठगों ने कस्टमर केयर भी फर्जी बना रखे हैं। यदि कस्टमर केयर के नंबर में मोबाइल नंबर लिखा हो तो वह फ्राॅड होगा। ये नंबर कभी भी 10 डिजिट के नहीं होते हैं। उन्होंने मोबाइल से पेमेंट के दौरान एम पिन क्लिक नहीं करने की समझाइश दी।
जुर्माने से बचना है,खुद को बचाना है: शर्मा
दूसरे सत्र में यातायात थाने के हवलदार महेश शर्मा ने ट्रैफिक नियमों की बारीकी और सरल तरीके से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र में बाइक न चलाएं। लाइसेंस जरुरी बनवाएं। लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया व जरुरी कागजात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छात्राओं को लाइसेंस निशुल्क बनाए जाते हैं। शर्मा ने बच्चों अपने संदेश का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि वे अपने परिजनों को भी इस बात की बार बार समझाइश दें कि बाइक चलाते समय हेलमेट व कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाएं। उन्होंने समझाया कि कभी भी पुलिस को वाहन चैकिंग करते देख भागें नहीं,यह दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने यातायात संकेतकों का अर्थ समझाया। साथ ही कहा कि बाइक पर स्टंट न करें,यह मशीन है कभी भी धोखा दे सकती है। उन्होंने तीन सवारी न बैठाने,शराब पीकर वाहन न चलाने और ड्राइविंग करते समय मोबाइल पर बात न करने की समझाइश दी।
बाक्स में
स्कूल में लगेगा लाइसेंस बनाने कैंप:
शिक्षण विकास समिति के पदाधिकारियों,प्राचार्य व पुलिस के बीच विदयार्थियों के लाइसेंस बनवाने के लिए स्कूल में कैंप लगाने पर चर्चा हुई। जुलाई में विदयार्थियों की संख्या बढ़ने पर तारीख तय की जाएगी। प्राचार्य वर्षा त्रिपाठी ने पुलिस व सायबर एक्सपर्ट के समय समय पर बच्चों के बीच संवाद कराने की जरुरत बताई। पुलिस ने हर संभव मदद की बात कही।