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भोले बाबा के नोएडा आश्रम पर चल सकता है बुलडोजर, शासन को रिपोर्ट तैयार करेगा भेजेगा प्राधिकरण

भोले बाबा के यूपी के कई जिलों में बड़े और भव्य आलीशान आश्रम है। ऐसा ही एक आश्रम नोएडा के इलाबास गांव में खसरा नंबर-90 पर बना हुआ है। ये आश्रम गांव के बीच में है। प्राधिकरण ने अब तक इस जमीन को अधिग्रहीत नहीं किया है। उसे शासन से मिलने वाले निर्देश का इंतजार है।

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हाथरस

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Anand Shukla

Jul 06, 2024

Hathras stampede Noida authority Search Bhole Baba's property and will send report to government

भोले बाबा की पूरे उत्तर प्रदेश में अलग- अलग जगह पर कई संपत्तियां है। अब इन संपत्तियों का पता लगाया जाने लगा है। इसी कड़ी में नोएडा प्राधिकरण भी नोएडा स्थित भोले बाबा की संपत्तियों की तलाश में जुट गया है। जानकारी के अनुसार इसकी एक रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।

इसके बाद शासन से मिले दिशा निर्देश के अनुसार प्राधिकरण आगे की कार्रवाई करेगा। हाथरस हादसे के बाद से ही भोले बाबा गायब था। शनिवार को उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने घटना पर शोक व्यक्त किया है।

हादसे के बाद से ही फरार है भोले बाबा

भोले बाबा के सत्संग में हुई भगदड़ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद से ही भोले बाब फरार है। जिसके बाद अब भोले बाबा की संपत्ति की जानकारी ली जा रही है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बाबा की संपत्ति तलाशने के निर्देश शासन की ओर से दिए गए है। ये जानकारी प्राधिकरण अधिकारियों को देनी है। इसके बाद बड़ा एक्शन हो सकता है।

यूपी के कई जिलों में भोले बाबा का है आश्रम

बाबा के यूपी के कई जिलों में बड़े और भव्य आलीशान आश्रम है। ट्रस्ट के नाम पर मैनपुरी, कासगंज, आगरा, कानपुर और ग्वालियर में कई बड़े आश्रम है। ऐसा ही एक आश्रम नोएडा के इलाबास गांव में खसरा नंबर-90 पर बना हुआ है। ये आश्रम गांव के बीच में है। प्राधिकरण ने अब तक इस जमीन को अधिग्रहीत नहीं किया है।

प्राधिकरण ने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उसे शासन से मिलने वाले निर्देश का इंतजार है। प्राधिकरण ने बताया कि ये आश्रम भोले बाबा उर्फ सूरज पाल जाटव के नाम पर नहीं है। ये आश्रम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है। हालांकि आश्रम के अंदर और बाहर हर स्थान पर बाबा के पोस्टर लगे है।

यहां के सेवादार ने भी बताया, "दो साल पहले बाबा एक बार यहां आए थे। इसके बाद से यहां नहीं आए।" प्राधिकरण के मुताबिक इन लोगों की संपत्ति यहां किसी और नाम से हो सकती है। इसलिए आवंटन की फाइलों को खंगाला जा रहा है। जल्द ही प्राधिकरण की टीम भी आश्रम जा सकती है।

बता दें, सूरज पाल जाटव के बाबा बनने की कहानी कोरोना के बाद शुरू हुई थी। इस दौरान उसके अनुयायियों ने संपत्ति भी बनाई। यही वजह है कि 2020 और उसके बाद के जमीन आंवटन संबंधी फाइलों को खंगाला जा रहा है। जिस भी संपत्ति का खुलासा होगा उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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